जिले के दस से अधिक स्कूलों में चावल नहीं होने के कारण मध्याह्न भोजन बंद है। वहीं कई स्कूलों ऐसे हैं, जहां दो-चार दिनों का ही स्टॉक बचा है। कुछ दिनों पहले भी चावल के अभाव में झरिया के स्कूलों में मध्याह्न भोजन बंद हो गया था। स्कूलों को अप्रैल महीने तक का ही चावल मिला था। इस कारण स्कूलों ने चावल खत्म होने के बाद थोड़े दिनों तक किसी तरह काम चलाया। किसी ने दुकान से उधार लिया तो किसी ने पास के दूसरे स्कूल से चावल लिया था। अब स्कूल हाथ खड़े करने लगे हैं और विभाग से अविलंब चावल की मांग की है। दरअसल चावल खत्म होने के पीछे एफसीआई को समय पर बकाए का भुगतान नहीं होना है। चावल आपूर्ति के 20 दिनों में राशि का भुगतान की बात है, लेकिन दो वर्ष होने के बाद भी मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने बकाए का भुगतान नहीं किया है। अब एफसीआई ने भी तीन की जगह एक महीने का चावल स्कूलों को दिया है।
दो सरकारी एजेंसी के बीच पिस रहे बच्चे
सरकारी स्कूलों के बच्चे दो सरकारी एजेंसी के बीच पिस रहे हैं। दरअसल एफसीआई बिना बकाए के भुगतान के मांग के अनुसार चावल नहीं दे रहा है और मध्याह्न भोजन प्राधिकरण उसे बकाए का भुगतान नहीं कर रहा है। एफसीआई का वर्ष 2016-17 का 1,05,41,178 और वर्ष 2017-18 का 1,34,50,584 रुपए बकाया हैं। इस दो करोड़ 39 लाख 91 हजार के भुगतान के लिए एफसीआई कई बार डीएसई को पत्र लिख चुका है और फिर डीएसई की ओर से कई बार प्राधिकरण से इस राशि की मांग की जा चुकी है।
3 की जगह एक महीने का चावल
डीएसई ने एफसीआई से तीन महीने (अप्रैल से जून) के लिए 900.09 मिट्रिक टन चावल की मांग की थी, लेकिन एफसीआई ने केवल एक महीने का ही 300.03 मिट्रिक टन चावल दिया था। इस एक महीने के चावल से ही जिले के 1832 स्कूलों में छात्र संख्या के अनुसार चावल का वितरण कर दिया गया था। इस कारण कई स्कूलों में चावल के अभाव में एमडीएम बंद हो गया। जहां एमडीएम बन रहा है, वहां भी कुछ ही दिनों का चावल शेष है। धनबाद दो के बीईईओ दिलीप कुमार ने डीएसई को पत्र लिख कर स्कूलों में चावल खत्म होने की रिपोर्ट दी है। इससे पहले बीईईओ ने स्कूलों के स्टॉक को लेकर चिंता जताई थी।
इन स्कूलों में खत्म हुआ चावल : मध्य विद्यालय टाटा सिजुआ, उत्क्रमित मवि भूली बस्ती, हिंदी मवि नया बाजार, मवि खरिकाबाद, मवि मनईटांड़, नया प्राथमिक विद्यालय केंदुआडीह बस्ती, प्रावि सुभाष क्लब, प्रावि रांगाटांड़, प्रावि डायमंड क्रॉसिंग में चावल खत्म होने की रिपोर्ट दी गई है। इससे पहले 19 अप्रैल से तीन मई तक स्वतंत्र भारत मध्य विद्यालय भागा में मध्याह्न भोजन पूरी तरह बंद हो गया था।
मामले की जानकारी भोजन प्राधिकरण को दे दी गई है
यह सही है कि स्कूलों में चावल खत्म हो रहा है। हालांकि आसपास के स्कूलों से किसी तरह मैनेज किया जा रहा है। एफसीआई से तीन महीने के चावल की मांग की गई थी, लेकिन केवल एक महीने का ही चावल मिला था। एफसीआई का लगभग दो करोड़ 17 लाख बकाया है। मामले से मध्याह्न भोजन प्राधिकरण, प्राथमिक शिक्षा निदेशक और उपायुक्त को भी अवगत करा दिया गया है। विनीत कुमार, डीएसई