राजनीति में सफलता का मूल मंत्र है विनम्रता: पीएन सिंह
सांसद पशुपति नाथ सिंह के संसदीय जीवन के 39 साल पूर्ण होने पर बुधवार को जिला भाजपा की ओर से उनका अभिनंदन किया गया। जोड़ाफाटक रोड स्थित इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स एसोसिएशन के सभागार में समारोह आयोजित कर भाजपाइयों ने उनका अभिनंदन किया और बधाई दी। छात्र नेता से अपनी राजनीति की शुरूआत करने वाले पशुपति नाथ सिंह 16 वर्ष तक वार्ड कमिश्नर रहें। भाजपा के जिलाध्यक्ष से लेकर प्रदेश अध्यक्ष और 3-3 बार विधायक और लगातार दो बार से सांसद रहे पशुपति नाथ सिंह का बुधवार को 50 किलो का माला पहनाकर, शॉल और पगड़ी पहना कर अभिनंदन किया गया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि राजनीति या किसी भी क्षेत्र में सफलता का मूल मंत्र विनम्रता है। विनम्रता से ताकतवर कोई गुण नहीं है। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में हमने विनम्रता सिखी है।
इंडस्ट्रीज ऑफ कामर्स मे सांसद पीएन सिंह का अभिनंदन करते।
सांसद गुरु द्रोणाचार्य के समान : मेयर
अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने सांसद को गुरु द्रोणाचार्य बताते हुए कहा कि इस गुरु के आशीर्वाद से कई कार्यकर्ता अर्जुन और एकलव्य बन गए। सांसद ने 39 साल तक एक-एक कार्यकर्ता की बातों को सुनी और उसका निराकरण भी किया। उन्होंने कहा सांसद की सौम्यता,विनम्रता और धैर्य शक्ति ने लोगों के दिलों को छू लिया है। जियाडा के स्वतंत्र निदेशक सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में सांसद ने जनता के विश्वास को जीता है और यह किसी जनप्रतिनिधि के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। उन्होंने संगठन में कार्यकर्ता संस्कृति को विकसित किया है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन को मजबूत बनाया। उन्होंने हमेशा संगठन के कार्य को पूजा मान कर किया और आज भी कर रहे हैं।
सांसद राजनीति के अजात शत्रु : राज
विधायक राज सिन्हा ने कहा कि सांसद राजनीति के अजातशत्रु है। उन्होंने कई कार्यकर्ताओं को उंगली पकड़कर चलना सिखाया है। वे कार्यकर्ताओं के अभिभावक हैं। विधायक ने अपने राजनीतिक जीवन का श्रेय पशुपतिनाथ सिंह को देते हुए कहा कि उनका कर्म और कर्तव्य अनुकरणीय और प्रेरणादायी है। कभी फल की आशा नहीं रखी। गुटीय राजनीति से कोसों दूर रहना सांसद की सफलता का राज है। प्रदेश मंत्री प्रो. सरिता श्रीवास्तव ने कहा कि सांसद का व्यक्तित्व एक विश्वविद्यालय जैसा है। वे धैर्य की प्रतिमूर्ति हैं। पद पर रहने के बाद भी विनम्र कैसे रहना चाहिए। यह सांसद के जीवन से सीखा जा सकता है। समारोह को जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह, संजीव अग्रवाल, धरनीधर मंडल, रामदेव महतो, संजय झा, नितिन भट्ट ने भी संबोधित किया।