10 किमी में 27 एटीएम, रुपए दे रही हैं सिर्फ 6 बेटी की शादी है, सब्जी क्या ऑनलाइन खरीदें?
मटकुरिया से स्टील गेट की दूरी 10 किमी...। इस बीच मुख्य सड़क पर अलग-अलग बैंकों की 27 एटीएम...। शनिवार का हाल... 30% का शटर बंद। 40% का लिंक फेल है। 8% एटीएम में जाते ही वहां तैनात गार्ड कहता है... कैश नहीं है, आगे का एटीएम देखिए। जी हां, यह शहर नगदी के संकट से जूझ रहा है। 27 में सिर्फ 6 एटीएम ही कैश दे रही हैं। शेष 21... ठन-ठन गोपाल। इस हालात में लड़की के एक पिता का दर्द कुछ ऐसा है... 19 अप्रैल को बारात आएगी। लाखों रुपए बैंक में हैं, पर जेब खाली हैं। वे बैंक के अफसरों से पूछना चाहते हैं... साहब! अब बाराती को खिलाने के लिए सब्जी भी क्या ऑनलाइन खरीदें? डेबिट कार्ड पर कौन पत्तल, फल और फूल देगा? शनिवार को ही कैश पहुंच से बाहर हो गया है। अगले दो दिन अवकाश हैं। ऐसे में जरूरत की वस्तु कैसे खरीदी जाएगी? एक पिता के इन सवालों में छुपे दर्द को समझा जा सकता है। दरअसल, शहर में पिछले 10 दिनों से लोग नकदी के लिए तड़प रहे हैं।
जानिए, महत्वपूर्ण स्थानों के एटीएम में कैश की स्थिति
स्थान (जहां एटीएम है) स्थिति
मटकुरिया पेट्रोल पंप नकद नहीं
मटकुरिया (विकास नगर मोड़) नकद नहीं
बैंकमोड़ गुरुद्वारा के पास नकद था
रांगाटांड़ नकद नहीं
स्टेशन नकद नहीं
डीआरएम चौक के पास नकद नहीं
कोर्ट रोड (थाना के सामने) शटर डाउन
डीजीएमएस परिसर कैश खत्म
जेसी मल्लिक मोड़ नकद था
सीएमपीएफ ऑफिस नकद था
आईएसएम ब्रांच कैश खत्म
राधा स्वामी मार्केट (पांच एटीएम) नकद नहीं
बाला जी मार्केट (सरायढेला) नकद नहीं
उमा अपार्टमेंट (3 एटीएम) एक में ही नकद
बैंक और एटीएम दोनों बंद।
दो घंटे बैंक ब्रांच की एटीएम भी ड्राई
पीके राय कॉलेज के पास एसबीआई आईएसएम शाखा के पास लगा एटीएम भी शनिवार को दिन के 11 बजे के बाद ड्राई हो गया। कैश खत्म होने के बाद एटीएम का शटर बंद कर दिया गया। कुछ ऐसा ही हाल एसबीआई सरायढेला व हीरापुर शाखा के बाहर लगी एटीएम मशीन की रही। स्टील गेट से पीके राय कॉलेज तक कुल 14 एटीएम मिले, जिसमें सिर्फ तीन में कैश था।
विवाह वाले घर में सब परेशान
सरायढेला निवासी ज्ञान रंजन सिन्हा की बेटी की शादी 19 अप्रैल को तय है। समय कम है। कैश की कमी से परेशान हैं। कहते हैं बैंक से बड़े नोट नहीं मिल रहे। एटीएम में पैसे ढूंढने पड़ रहे हैं। सरकार कहती है डिजिटल लेन-देन करें। डिजिटल भुगतान में 1.5 से 2% अधिक लगते हैं। हर जगह इसकी सुविधा भी नहीं है।
आरबीआई का रोना : नहीं आ रहा नगदी, क्या करें ? | बैंक अधिकारियों का कहना है कि आरबीआई से जरूरत के अनुसार कैश नहीं मिल रहा है। धनबाद में करेंसी चेस्ट के एक अधिकारी की मानें कैश की कमी के कारण वैसे नोट भी दिए जा रहे हैं, जो बाजार में चलना नहीं चाहिए।
कारोबारी परेशान : देना पड़ रहा उधार
फेडरेशन ऑफ धनबाद जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष राजीव शर्मा कहते हैं कि सभी दुकानों में पॉश मशीनें नहीं हैंै। ऊपर से ग्राहकों के पास कैश नहीं है... ऐसी स्थिति में उधार की शर्तों पर कारोबार हो रहा है। आरबीआई को कैश फ्लो बनाए रखना चाहिए।