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मैं बच्ची को पालूंगी, नाम ‘रोशनी’ रखूंगी, पिता ने मेरी जिंदगी बर्बाद की, उसे यही रोशन करेगी

3 वर्ष पहले
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22 मार्च 2018...। रांची के निर्मल ह्रदय आश्रम में जन्म के साथ किलकारी गूंजी...। इस किलकारी ने आश्रम में खामोशी ला दी...। न नानी खुश थीं और न ही उसे जन्म देने वाली मां...। न बधाई का शोर था और न ही बख्शीश की मांग...। दरअसल, जन्म लेने वाली बच्ची एक अनचाही जान है। वह एक ज्यादती का परिणाम है। एक ऐसी ज्यादती, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। एक पिता की हवस की दरिंदगी ने एक बेटी को मां बनाया। नवजात की किलकारी और मां की सिसकी एक साथ सुनाई पड़ रही थी। वहां मौजूद परिवार वाले चाहते थे कि मां नवजात को दूध पिलाए। पर यह बात उससे कहने की हिम्मत किसी के पास नहीं थी। कुछ देर बाद जब नवजात का रोना बंद हुआ, तो लोग अनहोनी की आशंका पर कमरे की ओर दौड़े। कमरे के अंदर मां अपनी संतान को दूध पिला रही थी। जिसे वह दुनिया में नहीं लाना चाहती थी, उसे ही सीने से लगाए थी। जिसके गर्भपात की इजाजत नहीं मिलने से घंटों रोयी थी, आज उसी पर ममता लूटा रही थी। इसके बावजूद सभी के मन में एक ही सवाल है... क्या मां अपनी इस संतान को अपनाएगी? मंगलवार को चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष हाजिर होकर मां इसका जवाब देगी। मां के जवाब के बाद सीडब्ल्यूसी तय करेगी कि बच्ची किसके पास रहेगी। ममता और लोकलाज के बीच उलझी एक मां के जवाब पर सभी की निगाहें टिकी हैं। पेश है, इस पर यह रिपोर्ट।

बच्ची को कहूंगी तेरे पापा मर गए, वह मेरे नाम से जानी जाएगी

पिता की ज्यादती के कारण जन्मी बच्ची को मां रखेगी या नहीं...? उठ रहे ऐसे सवालों पर दैनिक भास्कर से बातचीत कर मां ने अपना इरादा जता दिया। कहा... ‘हां, बच्ची को मैं पालूंगी, इसका नाम ‘रोशनी’ रखूंगी। मेरे पिता ने मेरी जिंदगी को बदरंग बना दिया। मेरे भविष्य को अंधकारमय कर दिया। मेरी अंधेरी और बदरंग जिंदगी में यह रोशनी ही उजाला लाएगी। जमाना क्या कहेगा, अब इसकी परवाह मुझे नहीं। मैं इसे कह दूंगी कि इसके पापा मर चुके हैं। यह पिता के नाम से नहीं, मेरे नाम से दुनिया में आगे बढ़ेगी’। मां ने स्पष्ट कहा कि वह मंगलवार को सीडब्ल्यूसी के समक्ष हाजिर होकर बच्ची के पालन का अधिकार मांगेगी।

पीड़ित बच्ची।

ऐसी है पिता के संतान की मां बनने की घटना ज्यादती... गर्भ... गर्भपात की इच्छा और प्रसव

लड़की को कुछ लोग अगवा कर तोपचांची झील ले गए और सामूहिक दुराचार किया। लड़की की शिकायत पर मामला दर्ज कराया गया।

सामूहिक दुराचार के दर्द से लड़की उबरी भी नहीं थी कि उसके पिता ने ही अपनी हवस का शिकार बना लिया। पिता यह कहकर उसके साथ ज्यादती करने लगा कि सामूहिक दुराचार के बाद उससे शादी कौन करेगा।

पिता की बार-बार की ज्यादती से लड़की गर्भवती हो गई। उसने पिता के खिलाफ आवाज उठाने की ठानी। मां के साथ कतरास थाने पहुंचकर पिता पर केस दर्ज कराया। पुलिस ने पिता को गिरफ्तार कर लिया।

गर्भपात के लिए कोर्ट पहुंची। कोर्ट के आदेश पर चिकित्सकों ने जांच की और गर्भपात को खतरनाक बता दिया। इसके बाद पीड़िता को रांची के निर्मल ह्रदय संस्था में रखा गया था, जहां उसने बच्ची को जन्म दिया।

आरोपी की प|ी ने कहा-पति दिखा तो जहर खाकर अपनी जान दे दूंगी

पीड़िता की मां कहती है कि न वह अच्छा पति बन सका और न ही अच्छा पिता। दुराचार कर अपनी बेटी की जिंदगी बर्बाद कर दी। ऐसा पिता समाज के लिए कलंक है। उसे फांसी मिले। अगर उसने अपनी शक्ल भी दिखाई, तो जहर खाकर जान दे दूंगी।

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