क्योंकि हम हैं धनबाद वाले
बचाएंगे 1864 मिलियन टन कोयला...
तािक 3 सालों तक रोशन रहे देश
धनबाद संस्करण
पाठकों के विश्वास के सात वर्ष
धनबाद, मंगलवार, 17 अप्रैल, 2018
कुल पृष्ठ 18+4=22| मूल्य Rs. 4.00
झारखंड
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नि:शुल्क डीबी स्टार सहित | वर्ष 8, अंक 1 | महानगर
वैशाख शुक्ल पक्ष- प्रतिपदा, 2075
धनबाद की 21 कोलियरियां जमीनी आग से धधक रही है। तापमान 2000 है। कभी राख गिर रहा है तो कभी आग के गोले। रूह कांपा देने वाले इस नजारे के बीच खनन जारी है। क्योंकि हम धनबाद वाले हैं। जल रहे 1864 मिलियन टन कोयले को बचाना चाहते हैं, तािक रोशन रहे देश।
12 राज्य | 66 संस्करण
खुशी
कम ही लोग हैं जो आजादी चाहते हैं। ज्यादातर लोग तो केवल न्याय देने वाला अध्यापक ही चाहते हैं।
धधकते खदानों में खनन की मुश्किलों पर पढि़ए विशेष पेज : 13 पर