खनन के क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण तिथियां
कोलियरी 2006 में आग 2012 में आग
का नाम की स्थिति की स्थिति
ब्लॉक टू ओसीपी 0.0891 0.0530
इस्ट बसुरिया 0.0162 0.0000
बसुरिया 0.0003 0.0000
इंडस्ट्री 0.0193 0.0119
कुसुंडा 0.7816 0.4243
सेंद्रा-बांसजोड़ा 0.1221 0.0796
गोलकडीह 0.3109 0.0301
कुजामा 0.0988 0.0398
साउथ झरिया 0.1254 0.0244
गोंदूडीह 0.0844 0.0395
ऐना 0.1972 0.0918
नार्थ तिसरा 0.1244 0.0098
लोदना 0.1689 0.0000
साउथ तिसरा 0.0156 0.0000
पाथरडीह 0.0020 0.0000
सुदामडीह 0.0547 0.0000
(स्रोत : एनआरएससी का सर्वे, आंकड़ा - किलोमीटर स्क्वायर में)
1890
पहली बार धनबाद में कोयला होने का पता चला
1916 भौरा कोलियरी में पहली बार आग का प्रमाण मिला
आंकड़े की नजर में आग
17 किलोमीटर स्क्वायर क्षेत्र में 32 साल पहले थी आग
595
स्थल हैं भू-धंसान और अग्नि प्रभावित
15% बढ़ा फायर प्रोजेक्टों में खनन
16 फायर प्रोजेक्ट... जहां जलते कोल को निकाला, बल्कि आग भी कम की
1930
अंग्रेजों द्वारा धनबाद में पहला माइंस शुरू हुआ
32
हजार टन कोयले का खनन हर दिन फायर प्रोजेक्ट से