प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार संख्या जेएच 10 बीडी/ 9000 स्टेशन की तरफ से रणधीर वर्मा चौक की ओर जा रही थी। इस बीच ग्रीन व्यू पेट्रोल पंप से एक कार निकली। उसे स्टेशन की ओर से आ रही कार ने जगह दी। उसी समय रणधीर वर्मा चौक की तरफ से तेजी से बाइक संख्या जेएच 10 बीडी/6510 आती दिखी। कार चालक ने उसे देखकर ब्रेक लगाया, लेकिन तब तक बाइक कार से जा भिड़ी। टक्कर से इतनी तेज आवाज हुई कि आसपास के लोग उस तरफ दौड़ पड़े। कार जोड़ाफाटक के कब्रिस्तान रोड निवासी इकबाल सिंह की है।
दो लाख रुपए मुआवजे के आश्वासन पर शांत हुई भीड़
सड़क से हटने के बाद भीड़ ने मुआवजे की मांग के साथ धनबाद थाने को घेर लिया। इस दौरान बीडीओ और थानेदार अशोक कुमार सिंह थाने में बैठे रहे। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन उसे थाने ले आए। शाम चार बजे बीडीओ और थानेदार की मध्यस्थता में कार मालिक के प्रतिनिधि और मृतक के परिजनों के बीच बातचीत हुई। कार चालक की ओर से 2 लाख रुपए मुआवजा और पुलिस की ओर से बीमा की राशि दिलाने के आश्वासन के बाद परिजन शव को दाह संस्कार के लिए ले गए। राणा रेलवे में ठेका का काम करता था, जबकि उसके पिता रेलवे में ही सफाई कर्मी हैं।
धनबाद | कोर्ट रोड में ग्रीन व्यू पेट्रोल पंप के पास शुक्रवार सुबह 7:45 बजे एक कार और बाइक की सीधी टक्कर हो गई। इसमें हिल काॅलोनी के रहने वाले बाइकसवार राणा हरि उर्फ सिकंदर हरि की मौत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि राणा अपनी बाइक से पहले कार के शीशे से टकराया और फिर तीन फीट ऊपर उछलकर सड़क पर गिर गया। हादसे में बाइक का अगला हिस्सा पूरी तरह बर्बाद हो गया। वहीं कार में लगे दो सेफ्टी बैलून खुल जाने से उसमें बैठे चालक, महिला और बच्ची सुरक्षित बच गए। हादसे के बाद राणा को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। कार के चालक को मौके से ही छोड़ देने का पुलिस पर आरोप लगाते हुए मृतक के परिजनों ने कोर्ट रोड को दो घंटों तक जाम रखा। बीडीओ जीतेंद्र कुमार यादव ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित भीड़ को शांत कराया और जाम हटवाया। मृतक के पिता की शिकायत पर धनबाद थाने में कार चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
हादसे के बाद थाने के बाहर जुटे लोगों को समझाते पुलिस अधिकारी।
12 मई को ही हुई थी राणा की शादी
राणा की शादी 12 मई को ही धर्माबांध की रहने वाली राधा के साथ हुई थी। 14 मई को राणा ने हिल काॅलोनी में प्रीतिभोज का आयोजन किया था। ससुराल से उपहार में उसे बाइक भी मिली थी, हालांकि वह पिता की बाइक को चलाते समय हादसे का शिकार हो गया। रोते-बिलखते परिजनों के साथ राणा की नवविवाहिता भी थाने पहुंचीं। उनकी जुबान खामोश हो गई थी अौर आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।