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पासपोर्ट वेरिफिकेशन करने टैब लेकर घर पहुंचेगी पुलिस

3 वर्ष पहले
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पासपोर्ट बनाने वालों के लिए अच्छी खबर...। वेरिफिकेशन के लिए थाने के चक्कर नहीं लगाने हाेंगे। पुलिस टैब लेकर घर पहुंचेगी और वहीं वेरिफिकेशन कर कागजी प्रक्रिया पूरी करेगी। सड़क सुरक्षा सिस्टम और केस वारंट संबंधित डाटा भी पलभर में सामने होगा। धनबाद पुलिस इन व्यवस्थाओं को हाईटेक करने की तैयारी में है। इसके लिए जिले के 33 थानों को तीन-तीन टैब और लैपटॉप दिए जाएंगे। सोमवार को 11 थानों को सड़क सुरक्षा से संबंधित टैब दे दिए गए। जल्द ही अन्य दो टैब भी थानों को मिल जाएंगे। टैब व्यवस्था लागू होते ही धनबाद पुलिस कई मायने में हाईटेक हो जाएगी। पुलिस का डाटा ऑनलाइन हो जाएगा। इससे अपराधियों से निपटने में आसानी होगी।

जानिए, लैपटॉप और टैब का किस-किस काम में होगा इस्तेमाल

पहला टैब : इस टैब का इस्तेमाल पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए किया जाएगा। वेरीफिकेशन करने वाले अनुसंधानकर्ता टैब लेकर घर पहुंचेंगे और घर से सारा डाटा अपलोड करेंगे। वेरिफिकेशन की प्रक्रिया आवेदक के घर से ही पूरा कर लेंगे।

दूसरा टैब : इसका इस्तेमाल रोड सेफ्टी में किया जाएगा। कहीं दुर्घटना होने पर पुलिस पदाधिकारी टैब लेकर मौके पर पहुंचेंगे और मौके पर दुर्घटना से संबंधित सारी जानकारी अपलोड करेंगे। इसमें कई कॉलम होगे...जिसे पुलिस पदाधिकारियों को भरना होगा।

तीसरा टैब : तीसरा टैब थाना में इस्तेमाल होगा। थाना में पुलिस पदाधिकारी केस, वारंट, कुर्की-जब्ती जैसे मामलों का डाटा की टैब में अपलोड रखेंगे। ताकि, पलभर में वारंट व कुर्की संबंधित जानकारी उपलब्ध हो सके।

लैपटाप : इसका इस्तेमाल थाना प्रभारी करेंगे। वरीय अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के अलावे थानेदार दर्ज केस का आंकड़ा ऑनलाइन देख सकेंगें। थाना में कितने मामले लंबित है... इसकी जानकारी उन्हें तुरंत मिलेगी। विभाग से भेजा गया मेल वह तत्काल देख पाएंगे।

अब तक है लागू यह व्यवस्था...

पासपोर्ट वेरिफिकेशन : वेरिफिकेशन के लिए थाने से फोन किया जाता था। पासपोर्ट बनवाने वाला व्यक्ति थाना पहुंच कर आईओ से मिला है। कई बार आईओ थाना से बाहर होते थे, जिससे मुलाकात नहीं हो पाती थी। सड़क दुर्घटना : सड़क दुर्घटना की सूचना पर पुलिस घटना स्थल पर पहुंचती है। कागज पर ही घटना का विवरण तैयार करती है। समय अधिक लगता है। कई बार रोड सेफ्टी टीम को कारणों का पता नहीं चल पाता है।

वारंट व कुर्की डाटा : थाना में कितना वारंट, कुर्की व जब्ती के मामले में लंबित है...? यह बताने के लिए पुलिस को घंटों दस्तावेज पढ़ना पड़ता है। है, सारा लेखाजोखा मैन्युअल रखा जाता है। इससे परेशानी होती है।

प्रमुख थानों का चयन...

33 थाने होंगे हाईटेक

टैब और लैपटॉप के माध्यम से जिला के प्रमुख थानों को हाईटेक बनाने की तैयारी है। प्रमुख थानों की एक सूची बनाई गई हैै, जिसमें 33 थानों को शामिल किया गया है। इन सभी 33 थानों के अलावे एससी/एसटी और महिला थाना को भी एक-एक टैब उपलब्ध कराने की योजना है। पूर्वी टुंडी और मनियाडीह थाना को दो-दो टैब दिए जाएंगे।

कोर्ट में भी तैयारी | कोर्ट में सीपीएमएस(कोर्ट प्रोसेस मैनेजमेंट सिस्टम) व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है। इसको लेकर पुलिस को काेर्ट में एक कमरा उपलब्ध कराया गया है। इस व्यवस्था के तहत कोर्ट से निर्गत होने वाला वारंट, कुर्की और नोटिस सीधे थाने को भेजा जाएगा। थाना में उसे डाउनलोड करा तामिला कराया जाएगा।

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