उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग ने योजना के लिए दी Rs.3 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति
देशभर में शीर्ष कॉलेज या विवि में दाखिला पानेवालों को भी मिलेगा योजना का लाभ
एजुकेशन रिपोर्टर | धनबाद
राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से सरकार ने मुख्यमंत्री फेलोशिप देने का फैसला किया है। देश के सर्वश्रेष्ठ कॉलेजों या विवि में नामांकन पर विद्यार्थियों को फेलोशिप दी जाएगी। साथ ही, राज्य के विश्वविद्यालय के टॉपरों को पीएचडी की पढ़ाई के लिए या विश्व के टॉप-100 में शामिल विश्वविद्यालयों में प्रजेंटेशन देने पर भी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री फेलोशिप दी जाएगी। वित्तीय वर्ष 2017-18 के बजट भाषण में सीएम ने फेलोशिप शुरू करने की घोषणा की थी। अब वित्तीय वर्ष 2018-19 में इस योजना के लिए 5 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग ने हाल ही में इस संबंध में राज्य के सभी विवि को सूचना दे दी है। सभी विवि को फेलोशिप देने और योजना की जानकारी छात्र-छात्राओं तक पहुंचाने का निर्देश दिया है। विभाग ने फिलहाल 3 करोड़ रुपए की फेलोशिप की प्रशासनिक स्वीकृति दी है।
टॉपरों को पीएचडी या शोध के लिए मिलेंगे Rs.15 हजार प्रतिमाह
झारखंड राज्य के अंतर्गत संचालित सरकारी या निजी विश्वविद्यालयों के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के टॉपर यदि अपने ही विवि की ओर से आयोजित पीएचडी प्रवेश परीक्षा में पास होकर राज्य के अंदर किसी विश्वविद्यालय में पीएचडी के लिए नामांकन कराते हैं, तो उन्हें पढ़ाई और शोध के लिए तीन साल तक हर माह 15 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। इस योजना का लाभ लेने वाले छात्र-छात्राओं को सप्ताह में कम-से-कम 10 घंटे तक संबंधित कॉलेज या विवि में टीचिंग असिस्टेंटशिप, प्रैक्टिकल और कंप्यूटर सेंटर आदि में काम करना होगा। संतोषप्रद काम करने वाले छात्र-छात्राओं की स्कॉलरशिप में प्रति वर्ष एक हजार रुपए की वृद्धि की जाएगी।
विदेशों में प्रजेंटेशन के लिए मिलेंगे Rs.1 लाख
यदि किसी विद्यार्थी का रिसर्च वर्क वैश्विक परिदृश्य के टॉप 100 यूनिवर्सिटी में स्वीकृत किया जाता है, तो प्रजेंटेशन देने के लिए जीवन में एक बार विदेश जाने में सरकार मदद करेगी। टॉप 100 यूनिवर्सिटी का चयन उच्च शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी। समिति में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रतिनिधि, कल्याण विभाग के प्रतिनिधि, रांची विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि, उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के उप निदेशक शामिल होंगे। इस योजना का लाभ छात्र-छात्राओं को आरटीजीएस और डीबीटी के जरिए दिया जाएगा।
तकनीकी पाठ्यक्रम में दाखिले पर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के जरिए स्कॉलरशिप
स्नातक स्तर पर तकनीकी पाठयक्रम में नामांकन प्राप्त मेधावी छात्र-छात्राओं को स्कॉलरशिप की देने के लिए झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को नोडल एजेंसी बनाया गया है। शोध कार्य को बढ़ावा देने के लिए पीएचडी और प्रजेंटेशन के लिए स्वीकृत राशि का वितरण संबंधित विश्वविद्यालय के जरिए किया जाएगा।