जिले के अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्र में 6ठी से 12वीं कक्षा तक का तमाम सुविधाओं से युक्त स्कूल विकसित किया जाएगा। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को रांची में राज्यस्तरीय बैठक में धनबाद की डीईओ से कहा कि वहां ऐसा स्कूल चिरकुंडा या तोपचांची में हो सकता है। स्कूल के चयन में जनसंख्या का ध्यान रखा जाए।
किताबों की खरीद के लिए प्रधान सचिव ने जल्द ई-टेंडर कराने का निर्देश दिया। उन्होंने 1981-82 और 1984-85 में खोले गए प्रोजेक्ट स्कूलों के उच्च न्यायालय में लंबित मामलों की भी समीक्षा की। कहा कि राज्य भर में ऐसे लगभग 200 मामले हैं। धनबाद समेत कुछ जिलों का कोई मामला लंबित नहीं है। प्रधान सचिव ने जिला स्कूल की तर्ज पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में एक-एक स्कूल विकसित करने का निर्देश भी दिया था। इस संबंध में धनबाद जिले की ओर से दो नाम दिए गए थे, पर दोनों खारिज हो गए। प्रधान सचिव ने दूसरे स्कूलों के चयन का निर्देश दिया है। ग्रामीण इलाकों में टुंडी, तोपचांची या किसी अन्य ऐसी जगह के स्कूल का चयन किया जाना है, जहां जमीन भी उपलब्ध हो।