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रेशनेलाइजेशन की सूची में कैंसर पीड़ित और दिव्यांग शिक्षकों का भी नाम डाला

3 वर्ष पहले
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उत्क्रमित मध्य विद्यालय, जितपुर गोमो की शिक्षिका राधा कुमारी कैंसर से पीड़ित हैं। वहीं प्राथमिक विद्यालय कापासारा के पारा शिक्षक कंचन मंडल दिव्यांग हैं। जबकि प्राथमिक विद्यालय लकड़का छाताबाद के शिक्षक संतोष राय अपने स्कूल में दूसरे शिक्षकों से कनीय हैं। इन सबका नाम रेशनेलाइजेशन की सूची में है। ऐसे ही 140 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने रेशनेलाइजेशन की सूची पर आपत्ति जताई है। रेशनेलाइजेशन में शिक्षक इधर से उधर किए जाने हैं। बावजूद सूची बनाते समय कैंसर, दिव्यांगता गंभीर बिंदुओं का ख्याल नहीं रखा गया। रेशनेलाइजेशन की सूची में स्कूल के सबसे वरीय शिक्षक को शामिल किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन यहां कनीय शिक्षकों के नाम भरे पड़े हैं। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षक-शिक्षिकाओं से मिली आपत्तियों के निराकरण के बाद ही रेशनेलाइजेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की है।

रिक्ति को लेकर शिक्षकों में असमंजस

अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि रेशनेलाइजेशन को लेकर स्कूलों में रिक्ति की भी सूची जारी की गई है। इसको लेकर कई शिक्षकों में असमंजस की स्थिति है। कई स्कूलों के सामने पदों की रिक्त संख्या और अतिरिक्त संख्या दोनों दिखाई गई है। इसमें सरकारी और पारा शिक्षक-शिक्षिकाओं को अपनी तीन प्राथमिकता वाले स्कूलों का नाम बताना है। रिक्ति को लेकर जब शिक्षक खुद असमंजस में होंगे तो वे फिर वे अपनी प्राथमिकता कैसे बता पाएंगे।

रेशनेलाइजेशन की सूची में ऐसी गड़बडिय़ां

स्कूल में पर्याप्त छात्र संख्या होते हुए भी शिक्षकों को हटाया जा रहा है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय आजाद नगर धनबाद, उमवि सेंट्रल करकेंद, उमवि शिमला बहाल झरिया, मध्य विद्यालय पंडुकी जैसे कई उदाहरण हैं, जहां पर्याप्त छात्र संख्या है।

जो शिक्षक इस वर्ष सेवानिवृत्त हो जाएंगे, उन्हें भी रेशनेलाइजेशन की सूची में डाला गया है। ऐसे शिक्षकों को स्कूल से नहीं हटाने की बात थी। मसलन हिंदी मवि नया बाजार की शिक्षिका विमला सिंह और मवि मुनीडीह की नीलम सिंह की सेवा 6 माह से कम बची है।

असाध्य रोग से पीड़ित शिक्षकों को भी स्कूल से हटाया जा रहा है। मवि पंडुकी के अनिल कुमार फायलेरिया से पीड़ित हैं। वहीं प्रावि अलकडीहा के एक पारा शिक्षक सजायाफ्ता हैं ओर सेवा समाप्त हो चुकी है। यहां से भी एक शिक्षक माधव तिवारी का नाम सूची में है।

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