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टाटा कैंसर अस्पताल को कैबिनेट की मंजूरी

3 वर्ष पहले
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झारखंड सरकार कांके के रिनपास परिसर में टाटा ट्रस्ट के साथ मिलकर कैंसर केयर सेंटर ( कैंसर अस्पताल) खोलेगी। यहां केंद्र की स्वास्थ्य योजना की दरों पर इलाज होगा। स्वास्थ्य विभाग के इस प्रस्ताव को मंगलवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।

राज्य मंत्रिपरिषद ने मंगलवार को झारखंड के 12 जिलों में ग्रामीण जलापूर्ति की 20 योजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें आठ जिलों की नौ योजनाओं को राज्य योजना से पूरा किया जाएगा। इस पर लगभग 434.08 करोड़ की राशि खर्च होगी। इनमें सरायकेला में टोंटोपोसी-चामरू, गढ़वा में भवनाथपुर-केतार एवं खरौंधी के अलावा मेराल-रमना, लातेहार में लोध फॉल, देवघर में मार्गोमुंडा, जमशेदपुर में मुसाबनी, गोड्डा में मोहानी, रांची में सिलगाई-मुरतो एवं बेयासी तथा सिमडेगा में बागडेगा-किनकेल क्षेत्र में ग्रामीण जलापूर्ति योजनाएं पूरी की जाएंगी। इसके अलावा जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के तहत हजारीबाग, रामगढ़, धनबाद एवं पश्चिमी सिंहभूम जिले में 11 जलापूर्ति योजनाओं का निर्माण किया जाएगा। इस पर लगभग 358 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। यह जानकारी मंत्रिमंडल समन्वय विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे ने दी।

मुख्यमंत्री शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत जानेवाले बच्चों के कार्यक्रम में फेरबदल होने पर अब कैबिनेट की मंजूरी नहीं लेनी पड़ेगी। इसके लिए परियोजना निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी, मंत्री की सहमति से निर्णय ले सकेगी। पूर्व में हटिया- न्यू जलपाईगुड़ी- दार्जलिंग की यात्रा पर गए बच्चों का कतिपय कारणों रूट चेंज कर दिया गया था। इस पर भी मंत्रिपरिषद की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। साथ ही भविष्य में यात्रा के कार्यक्रम में किसी तरह के बदलाव पर अब कमेटी ही निर्णय लेगी।

कैबिनेट के फैसले

अन्य महत्वपूर्ण फैसले

चतरा के टिकर स्वास्थ्य उप केंद्र का 22.86 लाख रुपए का द्वितीय पुनरीक्षित प्राक्कलन एवं चतरा में ही इचकिला स्वास्थ्य उप केंद्र के 25.32 लाख रुपए के द्वितीय पुनरीक्षित प्राक्कलन को मंजूरी।

बकरा विकास, सूकर विकास, बैंक्यार्ड कुक्कुट, वाणिज्यिक लेयर वितरण तथा ब्रायलर कुक्कुट पालन जैसी योजनाओं को समेकित करते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष में कुल 125.55 करोड़ के खर्च की प्रशासनिक स्वीकृति।

इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम के तहत एक आपातकालीन नंबर-112 शुरू करने का फैसला। इससे अब नंबर 100, 101 और 108 के डायल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए सी-डैक को सर्विस प्रोवाइडर नियुक्त करने पर भी मंजूरी।

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