राष्ट्र के प्रति समर्पण व्यक्ति को अमर बनाता है : पंडित गंगासागर
जगजीवन नगर के मानस मंदिर में चल रहे नौ दिवसीय रामचरित मानस यज्ञ के 8वें दिन संगीतमय पाठ हुआ। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इससे पहले सुबह में विधि-विधान से श्रीराम दरबार, हनुमान दरबार सजा और मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की पूजा की गई। शाम में रामचरित मानस पर प्रवचन करते हुए अाजमगढ़ से पधारे पंडित गंगासागर पांडेय और वाराणसी से आईं मानस मयूरी कुमकुम पांडेय ने विभिन्न प्रसंगों की चर्चा की। पंडित गंगासागर ने कहा कि श्रीराम और राष्ट्र के प्रति समर्पण ही व्यक्ति को अमर बनाता है। केवट, जटायु, शबरी, निषाद, हनुमान से लेकर महात्मा गांधी तक ने भगवान राम और राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव रखा, इसलिए वे अमर हो गए। भरत ने राजगद्दी ठुकराकर भगवान की खड़ाऊं ही उस पर रखकर जनता की सेवा की। उनके त्याग की प्रशंसा भगवान राम ने भी की। मानस मयूरी कुमकुम पांडेय ने कहा कि प्रभु श्रीराम उदार कृपा के धाम हैं। गोस्वामी तुलसीदास सदा भक्तों से यही कहते थे कि मांगना है, तो प्रभु श्रीराम से मांगो। भगवान उन्हीं को देते हैं, जो हृदय से उनका नाम लेते हैं।