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किताबों की विशेषता बताएंगे आईआईटीयन

3 वर्ष पहले
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एक अच्छी पुस्तक ही अच्छी सफलता दिला सकती है, लेकिन वह पुस्तक कौन होगी। उसके कंटेंट कितने मददगार होंगे। पुस्तक खरीदने से पहले हमारे मन में यही सवाल घूमते रहते हैं। इंजीनियरिंग, मेडिकल या किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करनी हो, उसके लिए सही पुस्तकों का चयन बहुत जरूरी होता है। पुस्तकों के चयन को लेकर हमारे मन में घूम रहे सवालों का जवाब अब आईआईटी आईएसएम, धनबाद के स्टूडेंट्स देंगे। सात छात्रों की टीम नया स्टार्टअप वेबलीबॉक्स शुरू करने जा रही है। इसमें हर किताब की विशेषता बताई जाएगी और यह विशेषता संबंधित विषय के विशेषज्ञ बताएंगे। मसलन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के लिए सही पुस्तक और उसकी विशेषता आईआईटी आईएसएम के फैकल्टी बताएंगे। वहीं मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी से जुड़ी पुस्तकों की विशेषता मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी द्वारा सुझाई गई होंगी। जबकि वाणिज्य के क्षेत्र के लिए आईआईएम के प्रोफेसर पुस्तकों की विशेषता बताएंगे। इसी तरह अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पुस्तक की विशेषता दस वर्षों से अधिक समय से उसकी तैयारी करा रहे विशेषज्ञ द्वारा बताई जाएगी।

वेबलीबॉक्स की टीम शामिल छात्र।

दूर होंगी पुस्तकों के चयन की समस्या

किसी किताब को खरीदने से पहले उसके कंटेंट की जानकारी मिल जाएगी। बड़ी संख्या में मौजूद पुस्तकों में से अपने लिए सही पुस्तक के चयन में समय की बर्बादी नहीं होगी। कंटेंट जान कर हम एक ही काम की कई तरह की पुस्तकें खरीदने से बच सकेंगे। यही नहीं वेबलीबॉक्स में सर्च कर हम अपनी जरूरत के अनुसार पुस्तकों की जानकारी भी ले सकेंगे।

किताब दुकानों से करार | फाउंडर अमन सिंह ने बताया कि किराए पर या नई/ पुरानी पुस्तक देने के लिए शहर के कई दुकानों से करार किया गया है। पुस्तकों की डिलिवरी के लिए डिलिवरी ब्वॉय रखे गए हैं। धनबाद शहर में कई जरूरी पुस्तकें उपलब्ध नहीं है, इसलिए कोलकाता के बड़े पुस्तक विक्रेता से भी करार किया गया है। हमारी कोशिश विद्यार्थियों को हर पुस्तक उनकी जरूरत के अनुसार कम खर्च में उपलब्ध कराना है।

किराए पर मिलेंगी किताबें

प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए कई बार न चाहते हुए भी हमें पुस्तकें खरीदनी पड़ती है। मसलन जेईई मेन में सफल अभ्यर्थियों को जेईई एडवांस की पुस्तकें जरूरी होती है। तैयारी के लिए समय कम होने के बावजूद हमें पुस्तकें लेनी पड़ती है। वेबलीबॉक्स में हर तरह की किताबें किराए पर दी जाएंगी। तैयारी खत्म होने के बाद पुस्तकों को लौटाया जा सकेगा। नई और पुरानी पुस्तकों को शहर में 24 घंटे में होम डिलिवरी भी जा जाएगी। बाहर से आने वाली पुस्तकों में समय अधिक लगेगा और शहर के बाहर पुस्तक डिलिवर होने में भी थोड़ा अधिक समय लग सकता है। टीम का उद्देश्य पुरानी पुस्तकों का वेल्यू बढ़ाना भी है, ताकि नई पुस्तकों के लिए पेड़ों की कटाई कम हो।

टीम में कौन-कौन

बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र अमन सिंह और अपूर्व वार्ष्णेय फाउंडर हैं। छात्र ऋषिकेश साहू और प्रखर पांडेय वेब डेवलपर का काम देख रहे हैं। प्रज्वल सिंह और प्रज्ञेस मिश्रा एप्प डेवलपर और अंकित द्विवेदी के पास ग्राफिकल डिजाइनिंग की जिम्मेवारी है।

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