प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम करने वाले संस्थान को पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इसको लेकर झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने संस्थानों से एंट्री (प्रविष्टि) मांगी है। एंट्री पर्षद के रांची स्थित मुख्यालय और उसके अधीनस्थ कार्यालयों में 28 मई तक जमा की जा सकती है। एंट्रीज हार्ड और सॉफ्ट कॉपी दोनों रूप में देने हैं। सभी एंट्रीज आने के बाद निर्णायक मंडली श्रेष्ठ का चयन करेगी। पर्षद के अनुसार पर्यावरण जागरूकता, संरक्षण या प्रबंधन के लिए चार तरह के संस्थान इसमें भाग ले सकते हैं और सभी के लिए मानक तय किए गए हैं। मसलन औद्योगिक इकाइयों का मानक जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए की गई व्यवस्था है। उन्हें पर्यावरण संबंधी अधिनियमों और नियमों के अनुपालन का अपडेट स्टेटस बताना होगा। इसी तरह स्कूलों के लिए मानक तय किया गया है। उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता की गतिविधियां, स्कूल परिसर में पौधरोपण, वर्षा जल संरक्षण, शौचालय व्यवस्था, जल खपत और ऊर्जा खपत से संबंधित प्रविष्टि देनी है। स्वयंसेवी संस्था/ गैर सरकारी संस्था या कोई व्यक्तिगत रूप से भी अपनी प्रविष्टि भेज सकते हैं। वे पौधरोपण, संगोष्ठी, प्रशिक्षण, पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए विशिष्ट कार्य, आलेख, कविता, रचना, सुझाव, चित्रांकन आदि दे सकते हैं। खनन परियोजना के मानक : जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए की गई व्यवस्था की जानकारी देनी है।