पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

जाति नहीं, आरक्षण का आधार आर्थिक हो : रवि नंदन

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के अभिनंदन सह चित्रांश चिंतन समागम में समाज के विकास, राजनीतिक भागीदारी और आरक्षण का मुद्दा छाया रहा। रविवार को न्यू टाउन हॉल में आयोजित अभिनंदन समारोह में महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि नंदन सहाय का जोरदार स्वागत किया गया। अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कायस्थ समाज के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों की चर्चा करते हुए कहा कि आरक्षण समाज के सामने सबसे बड़ी समस्या है। संविधान निर्माण के दौरान दलित, पिछड़ों के लिए 10 साल के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया था,लेकिन वह दस साल आज तक पूरा नहीं हुआ। आरक्षण को देश के नेताओं ने वोट बैंक का आधार बना लिया। उन्होंने कहा कि कायस्थ महासभा किसी के आरक्षण का विरोधी नहीं है। हम केवल आरक्षण के आधार में बदलाव चाहते है। आरक्षण का आधार अब धर्म या जाति नहीं बल्कि आर्थिक होना चाहिए। आरक्षण का आधार अगर आर्थिक होगा तो इसका लाभ सभी समाज को मिलेगा। कायस्थ को संस्कृति बताते हुए उन्होंने कहा कि कायस्थ कोई जाति नहीं, बल्कि संस्कृति है और इस संस्कृति को बचाए रखना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वह अपने इतिहास को नहीं भूले, जो अपने इतिहास को भूलता है वह अपने भविष्य को भूल जाता है। समाज के हर क्षेत्र में कायस्थ आगे है। समाज की सेवा करने में भी हम पीछे नहीं हैं। सेवा भाव कायस्थों का संस्कार है और यहीं संस्कार हमारी पहचान होनी चाहिए।

कायस्थ महासभा के अभिनंदन समारोह सह चित्रांश चिंतन समागम में अतिथिगण।

कुटनीति से रहें दूर : रीता

पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रो रीता वर्मा ने कहा कि सबसे अधिक कुटनीति कायस्थ समाज में है। इस कुटनीति के कारण समाज का अपेक्षित विकास नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मानसिकता से सभी को बाहर निकलना होगा। समाज को आगे ले जाना है तो हमें अपनी सोच बदलनी होगी। सभी को नि:स्वार्थ भाव से एकजुट होकर समाज के लिए काम करना होगा। सभी को लेकर चलें, इसमें कुछ बाधाएं भी आएगी, जिसे हम सभी मिल कर दूर करेंगे।

सामूहिक प्रयास की जरूरत : राज

अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए विधायक राज सिन्हा ने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही समाज का विकास संभव है। आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्थितियों पर सोचने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से आगे आने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी समाज की शक्ति युवा होते है। कायस्थ समाज के युवा किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने महासभा के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठन का इतिहास गौरवशाली है।

कार्यक्रम में मौजूद कायस्थ परिवार के लोग।

दंपती को दी गई बधाई

कार्यक्रम के दौरान ही वैसे जोड़ों और व्यक्तियों को बधाई दी गई जिनका 20 मई को जन्मदिन या शादी की सालगिरह थी। प्रमोद लाल, ज्योति लाल, श्रीकांत श्रीवास्तव, शिल्पी श्रीवास्तव,अजयकांत सिन्हा एवं अनीता सिन्हा की सालगिरह थी। इनके अलावे प्रोफेसर एस केएल दास, डॉ मीना श्रीवास्तव, डॉ प्रशांत एवं रमा सिन्हा को भी सम्मानित किया गया। स्वागत डीएन प्रसाद ने किया, जबकि एन के कर्ण ने मांग पत्र प्रस्तुत किया। मंच संचालन नीतू सिन्हा ने किया।

अमितेश राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत

कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि नंदन सहाय ने हीरापुर निवासी अमितेश सहाय को महासभा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किया है। रविवार को अभिनंदन समारोह में शामिल होने आए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उका मनोनयन किया और संगठन हित में काम करने का निर्देश दिया। उनका कार्यकाल 2018 से 2023 तक होगा। अमितेश सहाय संगत पंगत के झारखंड के संयोजक भी है। अमितेश ने महासभा को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है।

खबरें और भी हैं...