काली बस्ती पुल के समीप हुई संदीप मोदी हत्याकांड की जांच केंदुआडीह पुलिस ने शुरू कर दी है। जांच में पुलिस को अभी कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस मोबाइल के सहारे हत्यारों तक पहुंचने की कवायद में जुटी हुई है। पुलिस मोबाइल सर्विलांस की मदद से यह पता लगाने में जुटी हुई है घटना के वक्त ऐसे कौन-कौन सा मोबाइक नंबर है जो संदीप के आस पास था। बैंकमोड़ से काली बस्ती पुल तक कौन-कौन सा नंबर एक्टिव था और उसका लोकेशन कहा था। पुलिस ने अपनी जांच संदीप के नजदीकी लोगों पर भी केन्द्रित किए हुए है। इन लोगों के साथ संदीप का संबंध कैसा था।
वर्तमान में इन लोगों का संदीप से रिश्ता कैसा था। इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
संदीप हत्याकांड
जेल से छुटे अपराधियों पर नजर
पुलिस की नजर वैसे अपराधियों पर भी है जो तीन-चार दिन पूर्व ही जेल से बाहर आए है। पुलिस की नजर दो अपराधियों पर है जो चार दिन पूर्व ही जेल से बाहर आए है। दोनों काली बस्ती के सूरज भुइयां और मनोज वर्मा की हत्या में जेल जा चुके हैं। संदीप मृतक सूरज भुईंया का खास था। आउटसोर्सिंग में वर्चस्व को लेकर वह कई गुटों में भी रह चुका है। सूरज की हत्या के बाद उसने पाला बदल लिया था। स्थानीय लोगों की माने तो संदीप अपनों के साजिश का शिकार हुआ है। पुलिस हत्या में शामिल हमलावरों की तलाश तो कर ही रही है। इसके साथ पुलिस संदीप के पिता और भाई के बयान की सत्यता की भी जांच कर रही है। भाई ने सांसद के भतीजा पर संदेह जताया था, वही पिता ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।