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डीजीएमएस: रेलवे चाहे तो अपने रिस्क पर चलाए ट्रेनें

3 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर | धनबाद/लोयाबाद

बंद धनबाद-चंद्रपुरा (डीसी) रेल लाइन पर फिर से ट्रेन चलाने के सवाल पर डीजीएमएस और रेलवे आमने सामने हैं। खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) ने आग की स्थिति नहीं बताई, लेकिन रेलवे को फिर से ट्रेन चलाने से रोकने से भी इनकार कर रहा है। निदेशालय का कहना है कि रेलवे चाहे, तो अपने रिस्क पर ट्रेनों का परिचालन फिर से शुरू कर सकती है। वहीं, डीआरएम मनोज कृष्ण अखौरी का कहना है कि डीजीएमएस की रिपोर्ट के अाधार पर ही डीसी रेल लाइन पर ट्रेनों का परिचालन बंद किया गया था। इसलिए वह अपनी जिम्मेवारियों से बच नहीं सकता है। उसे बताना चाहिए कि अब डीसी रेल लाइन के पास आग में कमी आई है या नहीं। यह स्पष्ट करना चाहिए कि रेल लाइन को अब कोई खतरा नहीं है।

रेलवे फिर से ट्रेनें चलाती है, तो हमें कोई आपत्ति नहीं : डिप्टी डीजी
डीजीएमएस के डिप्टी डायरेक्टर जेनरल नागेश्वर राव ने शुक्रवार को डीसी लाइन का जायजा लेने के बाद कहा कि डीजीएमएस ने डीसी रेल लाइन को बंद करने की रिपोर्ट रेलवे को कभी नहीं दी। इसलिए रेलवे चाहे, तो अपने रिस्क पर ट्रेनें चालू कर सकती है। डीजीएमएस को कोई आपत्ति नहीं होगी। डीजीएमएस ने सरकार को इस संबंध में अवगत जरूर कराया है। इसमें कहा गया था कि डीसी रेल लाइन पर आग से खतरे को देखते हुए सुरक्षा कारणों से ट्रेन चलाना खतरनाक हो सकता है। यह कभी नहीं कहा कि ट्रेनें बंद कर दें। वे लिलटेन अंगारपथरा और बांसजोड़ा के अग्नि प्रभावित इलाके का मुआयना करने पहुंचे थे।

इधर, फिर से ट्रेन चलाने की मांग के साथ रोकी बीसीसीएल की ट्रांसपोर्टिंग
डीजीएमएस अपनी जिम्मेवारियों से भाग नहीं सकता: डीआरएम
बांसजोड़ा में रेल लाइन के पास भूमिगत आग की स्थिति की जांच करती डीजीएमएस की टीम।

रेलवे: डीजीएमएस बताए खतरा कम हुआ या नहीं
कतरास | धनबाद-चंद्रपुरा रेलमार्ग को चालू कराने की मांग के साथ चल रहे महाधरने के 281वें दिन पार्षद विनोद गोस्वामी अौर अन्य ने रामकनाली-अंगारपथरा इलाके से टुंडू साइडिंग के लिए हाइवा से होने वाली ट्रांसपोर्टिंग बाधित कर दी। इससे चिंतित बीसीसीएल क्षेत्र संख्या चार के जीएम जीतेंद्र मल्लिक ने गुहीबांध में आंदोलनकारियों से बातचीत की। आंदोलनकारियों ने उनसे कहा कि अंगारपथरा और साउथ गोविंदपुर की रेलवे लाइन की बगल में आग बुझाए जाने तक ऐसे ही ट्रांसपोर्टिंग बाधित करते रहेंगे। प्रबंधन की ओर से इस पर कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा गया। ट्रांसपोर्टिंग रोकनेवालों में राम कुमार शर्मा, भुनेश्वर विश्वकर्मा, ललित सिंह, नुरुल अंसारी, उत्तम कुमार, किशन पंडित, संतोष कुमार, प्रभात केडिया, जमील अंसारी, अनीश शेख , शकील अहमद, परवेज इकबाल, अमन खान, आदिल खान, मोहन साव, रोहित साव आदि शामिल थे। बातचीत करनेवालों में जेडी निगम, केआर सत्यार्थी, जॉन सिंह, दिलीप सिंह आदि शामिल थे।

डीआरएम मनोज कृष्ण अखौरी का कहना है कि धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन के मसले पर डीजीएमएस अपनी जिम्मेवारियों से भाग नहीं सकता है। यह सच है कि उसने रेलवे को अपनी रिपोर्ट नहीं दी है। रिपोर्ट उसने केंद्र सरकार को दी है, लेकिन उसी रिपोर्ट के आधार पर डीसी रेल लाइन पर ट्रेनों का परिचालन बंद किया गया है। ऐसे में उसे यह बताया होगा कि उक्त रेल लाइन पर आग की स्थिति में क्या बदलाव आया है। आग कम हुई है या पहले की तरह ही है या और भयावह हो गई है? डीआरएम ने इस मसले पर डीजीएमएस पर सहयोग नहीं करने का भी आरोप लगाया। कहा कि वह अपनी जिम्मेवारी नहीं निभा रहा है।

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