इंस्पायर : 17 दिनों में राज्य के स्कूलों से केवल पांच नोमिनेशन
इंस्पायर अवार्ड मानक स्कीम 2018-19 में स्कूल दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। यही वजह है कि 17 दिनों में पूरे राज्य से केवल पांच बच्चों का नोमिनेशन केवल एक जिला पश्चिम सिंहभूम से हुआ है। बाकी धनबाद समेत किसी भी 24 जिले से एक बच्चे का भी नोमिनेशन नहीं हुआ है। इस योजना के अंतर्गत छात्र-छात्राओं का ऑनलाइन नोमिनेशन निर्धारित मापदंड के अनुसार होना है। ऑनलाइन नोमिनेशन एक अप्रैल से शुरू हो चुका है, जो 30 जून तक चलेगा। नोमिनेशन नहीं होने को लेकर दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल, रांची के आरडीडीई सह नोडल पदाधिकारी अच्युतानंद ठाकुर ने नाराजगी जताई है। सभी जिलों के डीईओ से कहा है कि भारत सरकार के इस महत्वपूर्ण योजना में बच्चों को शामिल करने में स्कूल और शिक्षक गंभीर नहीं हैं। बच्चों को योजना की पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है। इसलिए व्यक्तिगत स्तर से रुचि लेते हुए निर्धारित समय सीमा में अधिक से अधिक बच्चों का नोमिनेशन कराया जाए। उल्लेखनीय है कि इस योजना में कुल नोमिनेशन के लगभग दस प्रतिशत बच्चों की आइडिया का ही चयन होता है, जो जिलास्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में शामिल हो पाते हैं।
बदल देते हैं मॉडल का विषय/आइडिया
योजना में बच्चों को एक विषय पर अपने आइडिया से संबंधित 200 शब्दों का राइटअप भेजना होता है। जिलास्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन होने के बाद संबंधित आइडिया बदलना नहीं चाहिए। सत्र 2017-18 में अभया सुंदरी में हुई प्रतियोगिता में बच्चों ने अपने आइडिया ही बदल दिए थे। इस कारण कुल दस प्रतिशत मॉडल में चयन होने के बावजूद दो को चयन सूची से बाहर कर दिया गया था।