यज्ञ में डाली 24 हजार आहुतियां, 100 से अधिक लोगों ने छोड़ा नशा
ग्रामीणाें और मुस्लिम जमात ने डेमनियाभाई व अन्य का स्वागत किया।
तीन दिन में 60 हजार ने किया भोजन
कार्यक्रम स्थल पर दस एकड़ का पंडाल बनाया गया है। इसमें प्रतिदिन 12 घंटे तक अखंड भंडारा हुआ। तीन दिन तक करीब 60 हजार लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। 200 लोगों ने श्रमदान कर भोजन तैयार किया।
यज्ञ में आहुतियां डालते गायत्री परिवार के सदस्य।
शरीर को बनाएं चलता-फिरता मंदिर
डेमनियाभाई ने कहा शराब, मांस आदि व्यसनों से दूर रहकर शरीर को चलता-फिरता मंदिर बनाएं। उन्होंने कहा गुरु जिसके जीवन में आ जाता है वो निहाल हो जाता है। मेरा गुरु मेरे साथ 24 घंटे रहता है। मैं भी तुम्हारे साथ रहूंगा। तीन दिनी अनुष्ठान के तहत शनिवार शाम को दीपयज्ञ हुआ। इसमें एक हजार दीप जलाए गए। अंत में कार्यक्रम में सहयोग देने वालों का सम्मान किया गया। आम मुस्लिम जमात ने डेमनिया बाबा का सम्मान किया। इस दौरान गायत्री परिवार के सदस्य और ग्रामीण मौजूद रहे।