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बिहार, गोवा, मणिपुर और मेघालय में विपक्ष ने मांगा सरकार बनाने का मौका

3 वर्ष पहले
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सुप्रीम कोर्ट में रातभर चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद गुरुवार सुबह बीएस येद्दियुरप्पा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। लेकिन सबसे बड़े दल को सरकार बनाने का मौका देने के कर्नाटक के फॉर्मूले पर चार और राज्यों में नया सियासी नाटक शुरू हो गया। बिहार, गोवा, मणिपुर और मेघालय में अब सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद विपक्ष में बैठे दल सत्ता पर दावा ठोकने लगे हैं। बिहार में राजद नेता तेजस्वी यादव विधानसभा में विधायकों की परेड करवाएंगे। गोवा में सबसे बड़ा दल रही कांग्रेस दावा पेश करने राज्यपाल के पास जाएगी। मणिपुर के पूर्व सीएम इबोबी सिंह और मेघालय के पूर्व सीएम मुकुल संगमा ने भी राज्यपालों से शुक्रवार को मिलने का वक्त मांगा है। शेष|पेज 4 पर

वहीं, शपथ लेने के बावजूद येद्दियुरप्पा को अभी दो अग्नि परीक्षाओं से गुजरना बाकी है। सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार सुबह 10.30 बजे येद्दियुरप्पा के वह दोनों पत्र देखेगा, जिनके आधार पर राज्यपाल वजुभाई वाला ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया। उन्हें 15 दिन में बहुमत भी साबित करना होगा। इसके लिए उन्हें कम से कम सात विधायकों की और जरूरत पड़ेगी। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस+जेडीएस का दावा नकारकर राज्यपाल ने बुधवार रात येद्दि को सरकार बनाने का न्योता दिया था। कांग्रेस+जेडीएस इसके खिलाफ रात को ही सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे। रात सवा 2 से सुबह साढ़े 5 बजे तक सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्यपाल के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हालांकि, यह स्पष्ट कर दिया था कि उनका मुख्यमंत्री बने रहना कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगा।



शपथ ग्रहण के विरोध में धरने पर बैठे कांग्रेस और जेडीएस नेता

येद्दियुरप्पा के शपथ ग्रहण के विरोध में कांग्रेस+जेडीएस ने विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना दिया। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, अशोक गहलोत, सिद्दारामैया, मल्लिकार्जुन खड़गे, जेडीएस के संरक्षक व पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा और पार्टी अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी धरने पर बैठे। इगलटन रिजॉर्ट में रखे गए विधायक भी कुछ देर के लिए धरनास्थल पर लाए गए। जेडीएस के विधायक बेंगलुरू के एक होटल में रुके हैं।



सीएम बनते ही बदले चार आईपीएस अधिकारी, दाे इंटेलिजेंस में भेजे

येद्दियुरप्पा ने चार आईपीएस अधिकारी बदल दिए। इंटेलिजेंस में दो नई नियुक्तियां की हैं। एडीजीपी (रेलवे) अमर कुमार पांडेय को एडीजीपी (इंटेलिजेंस) बनाया गया है। वहीं, डीआईजी (केएसआरपी) को डीआईजी (इंटेलिजेंस) नियुक्त किया है।



येद्दियुरप्पा तीसरी बार बने हैं सीएम, अभी तक कोई कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए

मुख्यमंत्री के तौर पर येद्दियुरप्पा का यह तीसरा कार्यकाल है। अब तक एक बार भी वह कार्यकाल पूरा नहीं कर सके हैं। पिछले दोनों कार्यकाल में वह कुल तीन साल 71 दिन ही मुख्यमंत्री रहे।





इधर, सुप्रीम कोर्ट में दो और याचिकाएं

10 माह पहले वकालत से संन्यास की घोषणा कर चुके पूर्व कानून मंत्री राम जेठमलानी ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच के समक्ष निजी हैसियत में राज्यपाल के फैसले को चुनौती दी। राज्यपाल ने संवैधानिक अधिकारों का दुरुपयोग किया है। चीफ जस्टिस ने उन्हें सुनवाई कर रही जस्टिस सिकरी की बेंच के समक्ष जाने को कहा।

राज्यपाल द्वारा विनिषा नेराे को विधानसभा में एंग्लो इंडियन सदस्य के तौर पर मनोनीत किए जाने को भी कांग्रेस+जेडीएस ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। पार्टी की मांग है कि येद्दियुरप्पा सरकार का बहुमत परीक्षण होने से पहले यह मनोनयन रोका जाए। इस याचिका पर भी शुक्रवार सुबह ही सुनवाई होगी।



विधानसभा में दलों की स्थिति

भाजपा 104

कांग्रेस 78

जेडीएस+ 38

अन्य 02



राहुल बोले- भारतीय न्यायपालिका की हालत पाकिस्तान जैसी:

न्याय के लिए लोग सुप्रीम कोर्ट जाते हैं। 70 साल में पहली बार जज लोगों के सामने आकर कह रहे हैं कि उन्हें धमकाया जा रहा है। काम नहीं करने दिया जा रहा। ऐसी चीजें आमतौर पर तानाशाही में होती हैं। पाकिस्तान और अफ्रीका में ऐसा होता है। भारत में 70 वर्षों में पहली बार हो रहा है।

- राहुल गांधी

अमित शाह बोले- स्वार्थ में लोकतंत्र की हत्या कर रही है कांग्रेस

लोकतंत्र की हत्या तब हुई, जब स्वार्थ से प्रेरित होकर कांग्रेस ने जेडीएस को अवसरवादी प्रस्ताव दिया था। कांग्रेस अध्यक्ष को अपनी पार्टी का गौरवशाली इतिहास याद नहीं है। यह का इतिहास है -भयावह आपातकाल, अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग और अदालतों, मीडिया एवं सिविल सोसाइटी का दमन।

- अमित शाह

रिजॉर्ट से कुछ विधायक गायब होने का दावा; केरल या पंजाब ले जाने की तैयारीं

कांग्रेस ने अपने विधायकों को इगलटन रिजॉर्ट में रखा है। वहीं, जेडीएस विधायक एक होटल में हैं। हालांकि, कुछ विधायकों के यहां से गायब होने की चर्चाएं हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस के 78 में से 2 विधायक रिजॉर्ट नहीं गए थे। अब तीसरा विधायक भी बाहर जाने की बात सामने आई है। कांग्रेस ने एक विधायक बागी होने की पुष्टि की है। पार्टी नेता डी गुंडुराव ने कहा कि विजयनगर के विधायक आनंद सिंह से पार्टी का संपर्क नहीं हो पा रहा है। इगलटन रिजॉर्ट की सुरक्षा भी गुरुवार को हटा ली गई। ऐसे में कांग्रेस इन विधायकों को कर्नाटक से बाहर पंजाब या केरल ले जाने पर विचार कर रही है।

बड़ा सवाल: बहुमत के लिए 111 विधायक जरूरी, भाजपा के पास सिर्फ 104; येद्दियुरप्पा कैसे बचाएंगे सरकार

कुल सीटें: 222 हैं। एचडी कुमारस्वामी दो सीटों पर जीते हैं। उनका एक ही वोट रहेगा। फ्लोर टेस्ट के दौरान एक विधायक प्रोटेम स्पीकर बनेगा। ऐसे में कुल वोट 220 बचेंगे और बहुमत 111 का होगा। ऐसे में येद्दि सरकार के समक्ष यह स्थितियां संभव हैं:-

1. भाजपा कम से कम 7 विधायकों को जुटाए। कांग्रेस+जेडीएस के विधायक तोड़े बिना यह संभव नहीं। दल-बदल कानून के तहत इन विधायकों की सदस्यता खत्म हो जाएगी।

2. कांग्रेस+जेडीएस के कम से कम 13 विधायक गैर हाजिर रहें। सदन में 207 विधायक मौजूद रहने पर बहुमत 104 का होगा। अगर विधायक बिना शपथ लिए गैर हाजिर रहते हैं तो व्हिप के दायरे में नहीं आते।

3. इन 13 विधायकों से भाजपा इस्तीफा भी दिलवा सकती है।

*एक निर्दलीय की निष्ठा बार-बार बदल रही है। वह भाजपा के साथ भी जा सकता है।

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