आईपीएल के आधार पर लंबे प्रारूप में किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन का आंकलन नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके दो खिलाड़ियों से मुझे कुछ ज्यादा ही प्रभावित किया है। चूंकि हम ऐसे देश हैं, जो बल्लेबाजों को पूजता है तो मैं केएल राहुल से शुरुआत करता हूं। अगर मुझे उनका विजिटिंग कार्ड डिजाइन करना हो तो मैं सिर्फ यही लिखूंगा, केएल राहुल. क्लास। मुझे लोगों को यह बताने में काफी संघर्ष करना पड़ता है कि राहुल भारत के लिए हर मैच में मैदान पर क्यों नहीं उतरते हैं। उम्मीद है मेरा ये संघर्ष ज्यादा दिन नहीं चलेगा। वे बेहतरीन शॉट खेलते हैं। वे तेज गेंदबाजों को खुश होकर धुनते हैं और स्पिनरों को भी खूबसूरती से खेलते हैं। मुंबई इंडियंस के खिलाफ लगाए गए उनके दो स्क्वेयर कट ने मुझे बार-बार रीप्ले देखने पर मजबूर किया।
दूसरा खिलाड़ी एक तेज गेंदबाज है। कई बार शानदार स्पैल डालता है। सात साल पहले ऑस्ट्रेलिया में बेहतरीन गेंदबाजी कर हमें उत्साहित करने वाला यह गेंदबाज सही मुकाम तक नहीं पहुंच सका है। मैं उमेश यादव की बात कर रहा हूं, जिन्हें आईपीएल के इस सीजन में गेंदबाजी करते देखना काफी सुखद लगा। वे बल्लेबाजों को जल्दी आउट कर रहे हैं, अच्छी गति और स्विंग से गेंद भी कर रहे हैं। मैं डेथ ओवरों में उनकी इकोनॉमी रेट से चिंतित नहीं हूं क्योंकि वे वास्तविक विकेट टेकिंग बॉलर के तौर पर स्थापित हो रहे हैं जो ज्यादा महत्वपूर्ण बात है। हालांकि जोहानिसबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ स्विंग के मददगार हालात में भारतीय टीम में मौजूद चार तेज गेंदबाजों में उन्हें जगह नहीं मिल पाई थी। आईपीएल में अपने प्रदर्शन से उन्होंने इसका दावा ठोक दिया है। तेज गेंदबाजों की बड़ी खेप अब आसपास नजर आ रही है। उन्हें संभालने और उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराने की भारत की क्षमता उन्हें टेस्ट में चमकने का मौका देगी। (टीसीएम)
हर्षा भोगले की कलम से