दस दिन से मंडी में नीलामी का बहिष्कार कर रहे व्यापारियों की सुलह के लिए शनिवार सुबह 10.30 बजे कलेक्टर दीपकसिंह, एसपी बीरेंद्रसिंह ने बैठक बुलाई थी। बैठक की शुरुआत में ही मंडी अध्यक्ष प्रभु राठौड़ की तबीयत अचानक खराब हो गई। जिन्हें कलेक्टर, एसपी समेत उपस्थित व्यापारियों ने संभालते हुए गाड़ी में बिठाया। एडीएम डीके नागेंद्र उन्हेंं जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उनका ब्लड प्रेशर चैक करने पर 97 आया था। सामान्य रूप से ब्लड प्रेशर 120-80 होना चाहिए। यहां से एमआईआर सहित उचित उपचार के लिए इंदौर रैफर किया। इंदौर से जांच करवाकर पुत्र दीपक राठौड़ उन्हें लेकर धार रवाना हो गए।
कलेक्टर की बैठक में व्यापारियों ने गारंटी राशि देने सहित मंडी खोलने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि मंडी समिति ने व्यापारियों के बिना संज्ञान लिए गारंटी राशि के 45 लाख की एफडी तोड़ी थी। जिसके बाद व्यापारियों ने 10 मई से अनिश्चितकाल के लिए मंडी में नीलामी का बहिष्कार किया था। शनिवार को हुई बैठक में कलेक्टर ने व्यापारियों को समझाइश देकर मंडी चालू करने को कहा। तो वे गारंटी राशि किसानों को नहीं बांटने की बात कहने लगे।
समझौता बैठक में मंडी अध्यक्ष का ब्लड प्रेशर कम हुआ, इंदौर में जांच करवाकर धार के लिए रवाना
कलेक्टर दीपकसिंह एवं एसपी बीरेंद्रसिंह बैठक में व्यापारियों से चर्चा करते हुए।
गारंटी राशि किसान हित में जरूरी : राठौड़
बैठक के दौरान मंडी अध्यक्ष राठौड़ बोले मंडी प्रशासन के नियमानुसार दो करोड़ की गारंटी राशि जमा कराने का प्रावधान है। जो किसान हित में जरूरी है। इस बीच वे कुर्सी पर बैठे-बैठे ही बेसुध हो गए। कलेक्टर सिंह, एसपी सिंह समेत मौजूद व्यापारियों ने उन्हें उठाकर एडीएम की गाड़ी में बिठाया। एडीएम उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉ. सुमित सिसौदिया ने उपचार किया। कलेक्टर की बात पर 2 करोड़ की गारंटी राशि मंडी को देने पर व्यापारी भी सहमत हुए। जो यह राशि तीन किश्तों में क्रमश: 50-50 लाख व एक करोड़ के रूप में मंडी को देंगे। बैठक में व्यापारी संघ के प्रतिनिधि अनंत अग्रवाल ने कलेक्टर से कहा कि अब निर्णय हो चुका है तो आवक-जावक भी शुरू करवा दी जाए। कलेक्टर ने एडीएम को भेजकर व्यवस्था पुन: बहाल करने की बात कही।
एक माह में यह तीसरी बार बिना सूचना के मंडी बंद
किसान संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि एक माह में यह तीसरी बार बिना सूचना के मंडी बंद हुई है। ऐसे में किसान परेशान हो रहे हैं। एक माह बाद बारिश शुरू होने वाली है। जिसके लिए किसानों को खाद बीज की व्यवस्था करने के लिए भी राशि की जरूरत है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो किसान फसल ही नहीं लगा पाएंगे। इस पर अनाज तिलहन संघ के अध्यक्ष राजेंद्र मोदी ने कहा अब ऐसा नहीं होगा। बंद के पूर्व बाकायदा सूचना दी जाएगी। किसान ही नहीं इसमें व्यापारियों का भी नुकसान हो रहा है।
बाद में किसान संघ ने भी दिया ज्ञापन
बैठक के बाद भारतीय किसान संघ ने कलेक्टर सिंह को एक ज्ञापन दिया। इसमें बताया मंडी में बेची गई उपज में से गारंटी के लिए सीजन में बड़े व्यापारियों से 15 दिन में खरीदे गए उपज के मूल्य के बराबर गारंटी राशि जमा कराई जाए। नीलामी के दौरान किसानों की उपज जो ढुलती है उसका पेसा किसान कल्याण कोष या किसान सुरक्षा कोष के नाम से जमा हो और उसका पैसा केवल किसान हित में किया जाए। उसी पैसे से पीड़ित किसानों का भी भुगतान किया जाए। सब्जी मंडी को भी मंडी अधिनियम से जोड़ा जाए। जिससे किसानों को भावांतर योजना का लाभ मिल सके।
डॉ. सिसौदिया ने बताया जांचें नार्मल आई हंै। ब्लड प्रेशर लो होने व चक्कर आने पर सिटी स्केन व एमआईआर के लिए राठौर को इंदौर रैफर किया था। बेटे दीपक राठौर ने बताया जांचें करा ली हैं। रिपोर्ट सोमवार को आएगी। छुट्टी मिलने पर धार के लिए रवाना हुए हैं। (इनसेट-प्रभु राड़ौठ)
मंडी अध्यक्ष को कलेक्टर-एसपी आदि ने गाड़ी में बैठाया।