नए सत्र से इन पाठ्यक्रमों में होगा एडमिशन
जेएनयू में तैयार होंगे प्रशिक्षित पंडित और धार्मिक पर्यटन के विशेषज्ञ, हर धर्म और समुदाय के छात्र ले सकते हैं एडमिशन
देश भर में धार्मिक स्थलों और मान्यताओं को देखते हुए धार्मिक पर्यटन का पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा करवाया जाएगा।
वास्तु शास्त्र में एक साल का पीजी डिप्लोमा। इस कोर्स के बाद सिविल इंजीनियरिंग क्षेत्र में नौकरियां मिलने की उम्मीद है।
योग और योग केंद्रों में लोगों की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए योग में एमए की डिग्री। आयुर्वेद में बीएसएसी का डिग्री कोर्स भी करवाया जाएगा। अगले चरण में संस्कृत पत्रकारिता, शास्त्रीय संगीत जैसे नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। इनके अलावा बीए(संस्कृत) ऑनलाइन-ऑफलाइन और कल्प वेदांग के कोर्स भी शामिल किए जाएंगे।