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कई राज्यों में एटीएम सूखे; 13 दिन में पांच गुना ज्यादा नोट निकले, अब छपाई भी 5 गुना बढ़ेगी

3 वर्ष पहले
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नोटबंदी के करीब सवा साल बाद एक बार फिर एटीएम पर “नो कैश’ के बोर्ड दिखने लगे हैं। कम से कम नौ राज्यों में एटीएम से नकदी नहीं निकलने की शिकायतें आ रही हैं। इनमें आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, बिहार, कर्नाटक, गुजरात, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र शामिल हैं। पिछले कुछ दिनों से आ रही इन शिकायतों पर जब विपक्ष हमलावर हुआ तो सरकार की ओर से चार स्तरों पर सफाई आई। वित्त मंत्रालय ने कहा कि मांग में अचानक और असाधारण तरीके से हुई बढ़ोतरी इन हालात की वजह है। अब सरकार पांच सौ के नोटों की छपाई पांच गुना बढ़ाने जा रही है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि देश में जरूरत से ज्यादा करेंसी प्रचलन में है। यह किल्लत अस्थायी है। वहीं, वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि राज्यों और आरबीआई में कमेटी बनाकर राज्यों के बीच करेंसी का असंतुलन खत्म किया जाएगा। इसमें दो-तीन दिन लगेंगे।

मध्यप्रदेश समेत 9 राज्यों में एटीएम से नकदी नहीं निकलने की शिकायत

क्यों : दो हजार के नोट वापस नहीं आ रहे; 70% एटीएम 200 के नोट के लिए कैलिब्रेट नहीं

अभी करीब 18 लाख करोड़ रुपए की नकदी सर्कुलेशन में है। इसमें से 6.7 लाख करोड़ रुपए 2000 के नोटों में हैं। सरकार के अनुसार लोगों के पास गए 2000 के नोट वापस नहीं आ रहे। कुछ बैंक मैनेजर तो कह रहे हैं कि 2000 के नोट बिल्कुल नहीं आ रहे। 2000 के नोटों की छपाई भी बंद की जा चुकी है। वहीं, 200 के नोटों के लिए सभी एटीएम कैलिब्रेट नहीं हुए हैं। सिर्फ 30% एटीएम ही 200 के नोटों के लिए कैलिब्रेटेड हैं।

आशंका : कहीं चुनावों के लिए करेंसी की जमाखोरी तो नहीं हो रही

कर्नाटक में अभी चुनाव प्रक्रिया जारी है। इसी साल मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी चुनाव होने हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि चुनावों में इस्तेमाल के लिए बड़ी मात्रा में नकदी जमा की जा रही है। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक नकदी की मांग में अचानक इजाफे की जांच जारी है। अधिकारी इस बात से इनकार नहीं कर रहे हैं कि कुछ लोग नकदी, खासकर दो हजार रुपए के नोट जमा कर रहे हैं।

क्या हुआ : जनवरी से ही करीब दोगुनी हो गई थी नकदी की मांग

देश में हर माह 19-20 हजार करोड़ रुपए नकदी की मांग रहती है। इसी हिसाब से सप्लाई होती है। लेकिन जनवरी से मांग दोगुनी हो गई। जनवरी-मार्च में हर माह 40 से 45 हजार करोड़ रुपए सप्लाई किए गए। डिमांड बढ़ने के चलते सरकार के पास नकदी का स्टॉक कम हो गया। अप्रैल के शुरुआती 13 दिन में 45,000 करोड़ रुपए की डिमांड रही। सामान्य हालात में 13 दिन में 8.45 हजार करोड़ रुपए की ही डिमांड होनी चाहिए। लेकिन यह मांग पांच गुना ज्यादा यानी 45,000 रुपए रही। यानी रोज 3,461 करोड़ रुपए निकाले गए।

मौजूदा हालात : 18 लाख करोड़ सर्कुलेशन में, 1.75 लाख करोड़ सरकार के पास

वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के सचिव एससी गर्ग के अनुसार सरकार के पास अभी 1.75 लाख करोड़ रुपए की करेंसी है। आमतौर पर सरकार के पास ढाई से तीन लाख करोड़ रुपए का स्टॉक होता है। नोटबंदी के वक्त देश में करीब लगभग 17.15 लाख करोड़ रुपए सर्कुलेशन में थे। अभी करीब 18 लाख करोड़ रुपए सर्कुलेशन में हैं।

देवास बीएनपी में आज से 24 घंटे होगी नोटों की छपाई

देवास | देश के कई राज्यों में बड़े नोटों की भारी किल्लत को देखते हुए 18 अप्रैल से देवास बैंक नोट प्रेस में 24 घंटे मशीनें चलाई जाएंगी। इसके लिए नौ घंटे की अतिरिक्त तीसरी शिफ्ट शुरू कर दी गई है। अभी दो शिफ्ट में ही काम चल रहा था लेकिन नकदी की मांग को देखते हुए यह फैसला किया गया है। बीएनपी सूत्रों ने बताया कि नोटबंदी के बाद यह दूसरा मौका है, जब 24 घंटे मशीनें चलाई जाएंगी। इसके लिए 8-8 घंटे (एक-एक घंटे अतिरिक्त) की तीन शिफ्ट के साथ नौ-नौ घंटे कर्मचारियों से काम लिया जाएगा। इसके लिए अनुबंधित कर्मचारी बढ़ाए गए हैं। जनवरी 2018 में हुए नोट चोरी कांड के बाद बीएनपी में उत्पादन घटकर 5 मिलियन नोट प्रतिदिन ही रह गया है।



जो कि नोटबंदी के बाद 15 मिलियन तक चला गया था।

शिफ्ट बढ़ने से उत्पादन दोगुना होने की उम्मीद

बीएनपी सूत्रों के अनुसार, तीसरी शिफ्ट शुरू होने से बीएनपी का प्रतिदिन का उत्पादन 5 मिलियन से बढ़कर 10 मिलियन तक पहुंच सकता है। क्योंकि, नियमित कर्मचारियों को भी इस पर फोकस करने के लिए कहा गया है।

राहुल बोले- नोटबंदी का आतंक दोबारा छाया

कैश की किल्लत की नोटबंदी के हालात से तुलना करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने तुकबंदी करते हुए कहा, “”समझो अब नोटबंदी का फरेब, आपका पैसा नीरव मोदी की जेब। मोदीजी की क्या माल्या माया, नोटबंदी का आतंक दोबारा छाया। देश के एटीएम सब फिर से खाली, बैंकों की क्या हालत कर डाली।’ राहुल ने प्रधानमंत्री पर बैंकिंग सेक्टर बर्बाद करने का भी आरोप लगाया है। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘कई राज्यों में एटीएम में पैसा नहीं होने की खबरें देखीं। बड़े नोट गायब हैं। नोटबंदी के दिनों की याद आ गई। देश में क्या वित्तीय आपात स्थिति बनी हुई है?’

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