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कई कॉलेजों में एक भी सहायक प्राध्यापक नहीं, कला संकाय में सबसे ज्यादा पद खाली
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग जून में सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा कराने की तैयारी कर रहा है। करीब 450 नए पदों के साथ कुल 3 हजार 422 पद भरे जाएंगे। इन नियुक्तियों से प्रदेश के 457 सरकारी कॉलेजों में न केवल खाली पद भर जाएंगे, बल्कि पढ़ाई का स्तर सुधरेगा और नैक की ग्रेडिंग में भी सरकारी कॉलेजों को मदद मिलेगी, क्योंकि स्थायी फैकल्टी की नियुक्ति सबसे अहम मानी जाती है।
3000 से ज्यादा पद और खाली रहेंगे- फिलहाल, 30 से ज्यादा सरकारी कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के 95 फीसदी पद खाली हैं। इतना ही नहीं, कला संकाय में 80 फीसदी पद खाली हैं। इसमें हिस्ट्री, हिंदी, संस्कृत, उर्दू के साथ ही अंग्रेजी और कॉमर्स विषय के भी बड़ी संख्या में पद खाली हैं। हालांकि इन नियुक्ति के बाद भी 3000 से ज्यादा पद और खाली रहेंगे। कई छोटे कॉलेजों में तो अभी सहायक प्राध्यापक के पद पर एक-दो या एक भी स्थायी नियुक्ति नहीं है।
इंदौर को ही चाहिए 200 से ज्यादा सहायक प्राध्यापक
इंदौर के ही दर्जनभर सरकारी कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के 200 से ज्यादा पद खाली हैं। संभावना है कि इनमें से जिन कॉलेजों में ज्यादा कमी हैं, वहां पद दिए जाएंगे। यह जानकारी भी सामने आई है कि हर कॉलेज में कम से कम चार से पांच सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति की जाएगी।
परीक्षा के बाद तीन से चार माह का समय- यह बात सामने आई है कि एमपी पीएससी द्वारा सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा के बाद चार माह का समय रिजल्ट- इंटरव्यू की प्रक्रिया में लगेगा। ऐसे में 30 अक्टूबर तक यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि उच्च शिक्षा विभाग ने पीएससी को सितंबर माह तक प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।
कल से फिर खुलेगी आवेदन की लिंक- ऑनलाइन आवेदन की लिंक सोमवार से दोबारा खुलेगी। पीएससी सचिव पवन कुमार शर्मा का कहना है कि 30 अप्रैल तक आवेदन होंगे। जो आवेदक पिछली प्रक्रिया में आवेदन कर चुके हैं। उन्हें दोबारा आवेदन नहीं करना है। 20 अप्रैल से 2 मई तक आवेदन में त्रुटि सुधार हो सकेगा।