अनुदारवादी लोकतांत्रिक नेता विक्टर फिर जीते
विक्टर ओरबन और उनकी पार्टी फेडरेशन ऑफ यंग डेमोक्रेट्स को एक बार फिर से भारी बहुमत से हंगरी की जनता ने जिताया है। उन्हें अनुदारवादी लोकतांत्रिक नेता माना जाता हैे। इनकी पार्टी को दो-तिहाई बहुमत मिला है। ओरबन तीसरी बार लगातार चुने गए हैं। प्रधानमंत्री के तौर पर उन्होंने शरणार्थियों के खिलाफ अभियान चला रखा था। इस जीत के बाद विक्टर के मीडिया और बिजनेस लीडर्स पर प्रहार और तेज हो जाएंगे। ये दोनों ही इनकी बातों के समर्थक नहीं माना जाते हैं। पेरिस में चार्ली हेब्दो के हमले के बाद विक्टर ने एकदम सख्ती कर दी थी। उन्होंने इस्लामिक हमलावरों की घुसपैठ के खिलाफ चेतावनी दे रखी थी। इसी रुख ने उन्हें भारी बहुमत से जिताया है। हंगरी में 6 फीसदी आबादी ऐसी है, जो विदेशी मूल की है। विक्टर नहीं चाहते कि विभिन्न संस्कृतियों के शरणार्थी उनके देश में शरण लें। साथ ही वे यूरोपीय संघ द्वारा निर्धारित कोटा प्रणाली के पक्ष में नहीं हैं, जिसमें हंगरी के संविधान में यूरोपीय संघ के लिए कुछ प्रावधान करने की बात है। शरणार्थियों के मामले में यूरोपीय संघ ने चैक, स्वोवाकिया, रोमानिया से कुछ लोगों को अपने यहां शरण देने की बात कही थी, लेकिन विक्टर ने तत्काल आपत्ति ली और अनुमति नहीं दी थी।
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