ब्रिटेन से कर्नाटक चुनाव पर नजर
प्रधानमंत्री मोदी ने लंदन में कर्नाटक के लिंगायत संत बसवेश्वर की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस कार्यक्रम का आयोजन द बसवेश्वर फाउंडेशन ने किया। इस मूर्ति का 2015 में मोदी ने ब्रिटेन दौरे पर अनावरण किया था। इसे कर्नाटक चुनाव से एक महीने पहले मोदी का लिंगायत कार्ड माना जा रहा है। मोदी ने संत बसवेश्वर को याद करते हुए ट्विटर पर 1 मिनट 41 सेकंड का एक वीडियो भी पोस्ट किया। वहीं, अमित शाह ने बेंगलुरू में बसवेश्वर को श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी नें भी उन्हें याद किया।
मोदी ने लंदन में लिंगायत संत को श्रद्धांजलि दी
लंदन में संत को पुष्प अर्पित करते मोदी।
12वीं सदी के समाज सुधारक बसवेश्वर ने लिंगायत समाज की स्थापना की थी
संत बसवेश्वर 12वीं सदी के समाज सुधारक थे। उनका जन्म 1131 ईसवी में बागेवाडी में हुआ था। ब्राह्मण परिवार में जन्मे बसवेश्वर ने 8 साल की उम्र में घर त्याग दिया था। उन्होंने कर्नाटक में वीरशैव लिंगायत समाज की स्थापना की थी। बसवेश्वर जाति और वर्गरहित समाज में विश्वास करते थे। वह शिव के उपासक थे। उन्होंने मठों, मंदिरों में फैली कुरीतियों को चुनौती दी।
राहुल हिंदू व भगवा आतंक के लिए क्या माफी मांगेंगे : शाह
अमित शाह ने बेंगलुरू में भगवा आतंक को लेकर कांग्रेस पर हमला किया। शाह ने पूछा कि क्या राहुल हिंदू आतंक और भगवा आंतक की व्याख्या के लिए माफी मांगेंगे। अभी दो दिन पहले हैदराबाद की कोर्ट ने मक्का मस्जिद ब्लास्ट में फैसला दिया। इसी को कांग्रेस ने भगवा टेरर, हिंदू टेरर के नाम से दुनिया में प्रचार किया था। लोग पकड़े गए उनपर केस चला, पर कोर्ट ने कहा, ये लोग निर्दोष हैं। कांग्रेस ने भगवा टेरर के नाम पर देश को बदनाम किया है।