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पानी की 1700 एमएम लाइन में लीकेज, आज 10% क्षेत्रों में आ सकती है परेशानी
बिजलपुर से राऊ के बीच सोमवार रात 1700 एमएम व्यास की पाइप लाइन फूट गई। इसके चलते मंगलवार को 9 टंकियां पूरी तरह खाली रहीं, वहीं 6 टंकियां आधी ही भरी जा सकीं। इस कारण इन 15 टंकियों से होने वाला जलप्रदाय प्रभावित रहा। नर्मदा प्रोजेक्ट के अफसरों के मुताबिक लीकेज सुधार दिया है। बुधवार को 90 प्रतिशत क्षेत्रों में सप्लाय सामान्य रहेगी।
रात 1 बजे निकल गया ढक्कन
जलकार्य समिति प्रभारी बलराम वर्मा ने बताया सोमवार रात 1 बजे बिजलपुर से राऊ के बीच 1700 एमएम व्यास की ग्रेविटी लाइन में लीकेज आ गया। पाइप का एक ढक्कन ही निकल गया, इसलिए सप्लाय बंद करना पड़ा।
इन क्षेत्रों में खाली रही टंकियां- खजराना, सर्वसुविधानगर, आंबेडकर नगर, विदुर नगर, प्रगति नगर, चंदन नगर, हवा बंगला, बिलावली व बुद्धनगर की टंकियां खली रहीं।
इन क्षेत्रों में पूरी तरह नहीं भरी टंकियां- अन्नपूर्णा, तुकोगंज, कॉटन अड्डा, कृषि नगर, स्कीम 74 व साईं कृपा टंकियां पूरी तरह नहीं भरी जा सकीं।
पूर्वी क्षेत्र में डायरेक्ट सप्लाय प्रभावित- पूर्वी क्षेत्र में डायरेक्ट सप्लाय प्रभावित रहने से अनूप नगर, मूसाखेड़ी, छोटी खजरानी क्षेत्र में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आज कम दबाव से सप्लाय
प्रोजेक्ट के कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव ने बताया जो ढक्कन निकल गया था, उसे बदल दिया है। बुधवार को परेशानी नहीं आएगी। कम दबाव से कुछ क्षेत्रों में पानी आ सकता है।
15 दिन में दो बार फॉल्ट
शहर में पिछले 15 दिन से अलग-अलग कारणाें से नर्मदा से होने वाला जलप्रदाय प्रभावित हो रहा है। दो बार जलूद स्थित पंपिंग स्टेशन में फॉल्ट होने पर तो एक बार शहर में लाइन फूटने के कारण दिक्कत हुई।
यशवंत सागर में हैं 6 फीट 3 इंच पानी, मई में दिक्कत नहीं
जलकार्य समिति प्रभारी बलराम वर्मा ने बताया यशवंत सागर में 6 फीट 3 इंच पानी है। इससे मई में दिक्कत नहीं आएगी। बिलावली तालाब में 10 फीट 7 इंच पानी है। गंदा पानी निकालने के लिए छोटे बिलावली तालाब को खाली करने जा रहे हैं, लेकिन उससे पहले मत्स्य पालन विभाग से अनुमति लेंगे। बिलावली में नया पानी भरने के बाद करीब 10 एमएलडी तक पानी पीने के उपयोग में आता है।
मेयर ने मांगी नए भवनों की सूची, जहां नहीं लगा वाटर रिचार्जिंग सिस्टम
महापौर मालिनी गौड़ ने मंगलवार को सभी जेडओ और भवन अधिकारी, भवन निरीक्षकों से कहा है कि पिछले एक साल में जितनी भी भवन अनुमति हुई है, उन्होंने वाटर रिचार्जिंग सिस्टम लगाया है या नहीं? यदि नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करें आैर अगले एक माह में उनके यहां सिस्टम रिचार्ज करवाएं। शहर में पिछले साल कम बारिश से सर्वाधिक असर भूजल स्तर और बोरिंग पर पड़़ा है, इसीलिए प्रयास किए जा रहे हैं कि इस बारिश में ज्यादा से ज्यादा पानी जमीन में जाए, ताकि अागे ऐसी परेशानी न हो और शहर का भू-जल स्तर बढ़ाया जा सके।
राऊ से बिजलपुर के बीच इस लाइन का ढक्कन ही निकल गया था, जिसे बदला गया।