सफदर नागौरी समेत सिमी के 7 राज्यों के 18 सदस्यों को 7-7 साल की सजा
स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के नेता सफदर नागौरी समेत इस संगठन के 18 सदस्यों को 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। एनआईए की विशेष अदालत ने केरल के कोच्चि में मंगलवार को इन्हें सजा सुनाई। अदालत ने उन्हें केरल में 2007 में प्रतिबंधित संगठन के लिए हथियार चलाने के ट्रेनिंग कैंप आयोजित करने का दोषी पाया था। यह मामला 21 जून 2008 को मुंडकायाम में दर्ज हुआ था। एनआईए को जनवरी 2010 में जांच सौंपी गई थी। इन सभी को जज कौसर इदाप्पतगत ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (ईएसए) की विभिन्न धाराओं और इंडियन पीनल कोड (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत अलग-अलग अवधि की सजा सुनाई। जिन लोगों को सजा सुनाई गई, उनमें 48 वर्षीय सफदर नागौरी के अलावा सदुली, पीए शिबिली, मोहम्मद अंसार और अब्दुल सत्तार (केरल से), हाफिज हुसैन, मोहम्मद सामी बागेवाड़ी, नदीम सैयद, डॉ. एचए असदुल्ला, शकील अहमद और मिर्जा अहमद बेग (कर्नाटक से), आमिल परवेज और कमरूद्दीन नागौरी (मध्यप्रदेश से), मुफ्ती अब्दुल बशर (उत्तरप्रदेश से), दानिश और मंजर इमाम (झारखंड से), मोहम्मद अबु फजल खान (महाराष्ट्र से) और आलम जेब आफरीदी (गुजरात से) हैं। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि 14 दोषी सात साल से भी ज्यादा समय से न्यायिक हिरासत में हैं और अदालत की अनुमति से उन्हें छोड़ दिया जाएगा।
मप्र के एक पुलिसकर्मी का बेटा सफदर नागौरी भारत में सिमी का संस्थापक सदस्य है
कौन है सफदर नागौरी?
मध्यप्रदेश के एक पुलिसकर्मी का बेटा सफदर नागौरी भारत में सिमी का संस्थापक सदस्य है। माना जाता है कि दिसंबर 1992 में बाबरी कांड के बाद वह कट्टरपंथ की ओर चला गया था। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में उसका नाम पुलिस रिकॉर्ड में पहली बार 1998 में आया था। मध्यप्रदेश में 2008 में गिरफ्तार होने से पहले वह लंबे समय तक पुलिस से बचता रहा था।