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32 अवैध कॉलाेनियों में पेयजल पाइप लाइन नहीं, 11 में सड़क के नाम पर कच्चे रास्ते

3 वर्ष पहले
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प्रदेश के अन्य शहरों की तरह ही धार में भी अवैध कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक शहर में 127.36 एकड़ में 40 अवैध कॉलोनियां हैं, जिन्हें वैध करने की तैयारी है। बड़ा सवाल यह है कि क्या इससे इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को पानी, सड़क, सीवेज, पार्क जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया हो पाएंगी। प्रश्न यह भी है कि नियमों से खिलवाड़ कर अवैध कॉलोनी काटने वालों पर भी कोई कार्रवाई होगी या नहीं। इसके अलावा भविष्य में नई अवैध कॉलोनी न बने इसके लिए क्या पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं इसका भी जिम्मेदारों के पास जवाब नहीं है।

अवैध कॉलोनियों को वैध करने की दिशा में नपा ने हाल ही में कार्रवाई शुरू की है। शहर के अलग-अलग इलाकों में ऐसी 40 कॉलोनी हैं जिनके नियमितिकरण को लेकर अधिसूचना जारी हो चुकी है। इस पर दावे-आपत्ति के लिए एक महीने का समय दिया गया है। जानकारों का मानना है कि इन कॉलोनियों में रहने वाले करीब 20 हजार लोगों के जीवन में कोई खास बदलाव नहीं आएगा, क्योंकि विकास के लिए जमीन उपलब्ध न होने की वजह से यहां चौड़ी सड़क, सीवर लाइन और पार्क जैसी सुविधाएं विकसित नहीं हो पाएंगी। इन काॅलोनियों के वैध होने के साथ ही इनका प्रबंधन नगर पालिका के पास जरूर आ जाएगा। यानी काॅलोनियों में डेवलपमेंट के साथ मेंटेनेंस भी नगरपालिका की जिम्मेदारी हो जाएगी। वर्तमान हालातों को देखते हुए बदलाव की उम्मीद कम ही है।

अवैध कॉलोनी को वैध करने का आम लोगों को कितना फायदा

दावा: नगरपालिका अवैध काॅलोनियों का सर्वे कर पता करेगी कि रहवासियों को कहां, कौन सी सुविधा मुहैया कराना है

20 साल पहले बनना शुरू हुई थी अवैध कॉलोनियां

शहर में 1995-96 से अवैध कॉलोनियां बनना शुरू हुई जिनकी संख्या 40 तक पहुंच गई। प्रारंभिक रूप से जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक 32 अवैध कॉलोनियों में नपा की पेयजल पाइप लाइन नहीं है। सड़कें, स्ट्रीट लाइट और नालियों की भी समस्या है। सुविधाएं नहीं होने से क्षेत्र के लोग आए दिन मांग करते रहे। नगरपालिका ने आम लोगों को ध्यान में रखते हुए कुछ इंतजाम किए लेकिन ऐसी कॉलोनियों पर अवैध का ठप्पा होने से पूरी व्यवस्थाएं नहीं जुटाई जा सकी। अब अवैध काॅलोनियों में सड़क, नाली व रपट बनाने के लिए रहवासियों को विकास शुल्क जमा कराना होगा। जिनमें निम्न आय वर्ग के लोग रहते हैं वहां 20 फीसदी जनसहयोग व 80 फीसदी नपा या शासन से मिलाकर विकास होने की बात कही जा रही है।

ऐसे हैं हालात

शहर की जिन अवैध कॉलोनियों में नपा की पेयजल पाइप लाइन नहीं डली है वहां घरों में बोरिंग ही पानी का सहारा है। गर्मी में जलस्तर गिरने से बोरिंग दम तोड़ देते हैं। ऐसे में टैंकर ही विकल्प रह जाता है। 11 कॉलोनी में सड़कें नहीं बनी है। कुछ अन्य काॅलोनियों के आधे हिस्से में सड़कें हैं।

01 लाख शहर की आबादी, 30 वार्ड

बैंकर्स कॉलोनी सहित अवैध कॉलोनियां होंगी वैध

श्रीकृष्ण नगर कॉलोनी ग्राम मगजपुरा, बैंकर्स कॉलोनी, सरस्वती नगर, चाणक्यपुरी, विक्रम नगर, जानकी नगर, कैलाश नगर, दौलत नगर, पंचशील नगर, भक्तांबर कॉलोनी, शरद नगर, विनायक कुंज, साकेत नगर, शिवशक्ति नगर, क्वींस पार्क, सांवरिया नगर, तिरूमाला नगर, त्रिमूर्ति नगर, भोज नगर, रामकृष्ण नगर, चिंतन नगर, मान हेरिटेज, अपेक्स कॉलोनी, अन्नपूर्णा नगर, श्री विहार काॅलोनी, अभ्युदय विहार कॉलोनी, शिव विहार कॉलोनी, बालाजी नगर, वृंदावन विहार कॉलोनी, सांई रेसीडेंसी, महालक्ष्मी नगर, मेसर्स सम्यंक, डिवाइन पार्क, हेप्पीविला, ओंकार नगर, इंद्रपुरी, गुलमोहर कॉलोनी, श्रीनगर कॉलोनी, सांईधाम कॉलोनी।

इन अवैध कॉलोनियों में नहीं बनी सड़क

चाणक्यपुरी, सरस्वती नगर, इंद्रपुरी का कुछ हिस्सा, बैंकर्स कॉलोनी, पंचशील नगर, भक्तांबर कॉलोनी, शिवशक्ति नगर, सांवरिया नगर, तिरूमाला नगर, अभ्युदय विहार, मेसर्स सम्यंक।

वैध कॉलोनी में 50 प्रतिशत जमीन पर डेवलपमेंट

वैध कॉलोनाइजर जितने एरिया में काॅलोनी डेवलप करता है उसका 50 प्रतिशत हिस्सा सड़क, पार्क आदि में चला जाता है और वह 50 प्रतिशत जमीन पर ही मकान बना पाता है। अवैध काॅलोनी के मामले में कम से कम 80 प्रतिशत जमीन पर मकान बन जाते हैं। इसलिए अवैध काॅलोनी में प्लॉट और मकान सस्ते भी मिलते हैं।

20 % आबादी शहर की रहती है इन कॉलोनियों में

40 अवैध कॉलोनियों को वैध करने की अधिसूचना जारी की है नपा ने

15 अगस्त तक पूरी करना है प्रक्रिया

प्रदेश में कालोनियों को वैध करने की डेडलाइन 15 अगस्त तय की है। नगरपालिका ने अब तक जिन 40 काॅलोनियों की सूची जारी की है। काॅलोनी वैध करने के साथ नपा को कॉलोनाइजर से काॅलोनी डेवलपमेंट के लिए ओपन लैंड या जमीन के बाजार भाव से डेढ़ गुना राशि वसूलना है। पूर्व में 31 दिसंबर 2012 तक बनी अवैध काॅलोनियों को वैध करने का नियम था। इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर 2016 किया गया है। अगली बार यह तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी, इसकी गारंटी नहीं है।

अलग से सर्वे कर एस्टीमेट तैयार करेंगे

अवैध कॉलोनियों को वैध करने की कार्रवाई चल रही है। अलग से सर्वे कर ऐसी कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पता की जाएगी। इसके बाद एस्टीमेट तैयार कर नपा परिषद में प्रस्ताव पारित करेंगे। इसके बाद विकास कार्य होंगे। इसमें समय लगेगा। कुछ अवैध कॉलोनियों में पूर्व से सड़कें बनी हुई हैं। मधु सक्सेना, सीएमओ, धार

कॉलोनी डेवलप करने के लिए 16 जगह से अनुमति

एक कॉलोनी डेवलप करने के लिए नगर तथा ग्राम निवेश विभाग (टीएंडसीपी) और नगर पालिका सहित 16 जगहों से अनुमति लेना पड़ती है। कई नियमों का पालन करना पड़ता है। इसके बाद रेरा का भी नियंत्रण है, लेकिन अवैध कॉलोनाइजर इन सबसे छूट जाता है। मनोजसिंह भदौरिया, डेवलपर

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