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नपा ने भोज अस्पताल में उपलब्ध नहीं कराया पानी, मरीज प्याऊ से पूरी कर रहे जरूरत

3 वर्ष पहले
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गर्मी में जलस्तर गिरने से उपजे जलसंकट के हालातों से शहर का भोज अस्पताल भी अछूता नहीं रहा है। यहां मरीज और उनके अटेंडर के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही। मजबूरन उन्हें बाहर स्थित प्याऊ से अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। मामले में सिविल सर्जन डॉ. एसके खरे का कहना है सीएमओ मधु सक्सेना को हमारे आरएमओ ने व्यक्तिगत रूप से जाकर समस्या से अवगत कराया था और पत्र भी दिया था लेकिन उनकी ओर से अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है।

जानकारी के अनुसार भोज अस्पताल में औसतन 300 से 350 मरीज रोजाना भर्ती रहते हैं। हर मरीज के साथ एक या दो अटेंडर रहते हैं। इसके अलावा अन्य कर्मचारी मिलाकर आंकड़ा करीब 800 तक हो जाता है। चूंकि रोजमर्रा की जरूरत के लिए प्रति व्यक्ति औसतन 70 लीटर पानी की जरूरत रहती है ताे इस लिहाज से 800 लोगों के मान से आंकड़ा 56 हजार लीटर हो जाता है। वहीं साफ-सफाई के लिए लगने वाला पानी अलग है।

30 से 35 हजार लीटर की हो पा रही आपूर्ति

30 से 35 हजार लीटर की हो पा रही आपूर्ति

अस्पताल के 14 वार्डों में रोजाना 300 से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं,साथ ही 1 या 2 अटेंडर

सीएमओ ने रोज दो टैंकर पानी देने का कहा था

गर्मी की वजह से अस्पताल के बोरिंग का जलस्तर गिर गया है जिससे जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है। खासकर मरीजों को पीने के पानी का इंतजाम करने में मशक्कत करना पड़ रही है। स्थिति के मद्देनजर सिविल सर्जन ने सीएमओ को पत्र लिखा। सीएमओ ने कहा था कि हम दो टैंकर पानी नियमित उपलब्ध करा देंगे परंतु अब तक कुछ नहीं किया।

सिविल सर्जन डॉ. एसके खरे के मुताबिक हमारे पास उपलब्ध जलस्रोत की बदौलत 30 से 35 हजार लीटर की आपूर्ति कर पा रहे हैं। यदि नगरपालिका का सहयोग मिल जाए तो समस्या पूरी तरह हल हो जाएगी।

सिविल सर्जन डॉ. एसके खरे के मुताबिक हमारे पास उपलब्ध जलस्रोत की बदौलत 30 से 35 हजार लीटर की आपूर्ति कर पा रहे हैं। यदि नगरपालिका का सहयोग मिल जाए तो समस्या पूरी तरह हल हो जाएगी।

अब कुएं की सफाई करवा रहा अस्पताल प्रबंधन

जलसंकट के हालातों को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन परिसर में स्थित कुएं की सफाई भी करवा रहा है। कुएं में बड़ी मात्रा में गाद जमा हो गई थी जिसे निकाल दिया है। एक हिस्से में आव आ गई है। जिससे उम्मीद बंधी है कि कुआं पूरी तरह साफ होने के बाद यहां का पानी पीने के लिए नहीं तो कम से कम अन्य कामों के लिए उपयोग में लिया जा सकेगा।

दिलावरा लाइन से पानी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया

अस्पताल प्रबंधन ने जलसंकट को देखते हुए सीएमओ मधु सक्सेना को दिलावरा तालाब की पाइप लाइन से पानी उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव दिया है। पाइप लाइन अस्पताल के पीछे के हिस्से से गुजर रही है, इसलिए कनेक्शन जोड़ने में बहुत ज्यादा खर्च नहीं आएगा। यदि ऐसा होता है तो अस्पताल परिसर में स्थित पानी की टंकी भर जाएगी और उससे सभी वार्डों में आसानी से पानी सप्लाय किया जा सकेगा।

सीएमओ को मरीजों की परेशानी की परवाह नहीं

हमने सीएमओ को मौखिक अौर लिखित पूरी समस्या से अवगत कराया लेकिन उनका रुख देखकर लगता है कि उन्हें मरीजों की परेशानी की परवाह नहीं है। दिलावरा पाइप लाइन से अस्पताल को जोड़ने के लिए उनके द्वारा अब तक एस्टीमेट नहीं दिया गया।’ डॉ. एसके खरे, सिविल सर्जन

टैंकर की डिमांड थी लेकिन उन्होंने दोबारा बताया नहीं

जिला अस्पताल में पानी के टैंकर की डिमांड थी। मुझे लगा आपूर्ति हो गई होगी। क्योंकि दोबारा सिविल सर्जन या आरएमओ ने मुझे बताया नहीं। यदि कहीं कोई दिक्कत है तो मैं पता कर लेती हूं। जल्द ही समस्या हल हो जाएगी। बहुत बड़ा इश्यू नहीं है।’ मधु सक्सेना, सीएमओ, धार

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