पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर येद्दि का आज शाम 4 बजे बहुमत परीक्षण

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर येद्दि का आज शाम 4 बजे बहुमत परीक्षण

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज | नई दिल्ली/बेंगलुरू

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येद्दियुरप्पा को शनिवार शाम 4 बजे बहुमत साबित करने का आदेश दिया है। राज्यपाल की ओर से उन्हें दी गई 15 दिन की मोहलत कोर्ट ने खारिज कर दी। कोर्ट ने येद्दियुरप्पा को बहुमत साबित करने तक नीति संबंधी फैसले लेने और एंग्लो-इंडियन सदस्य के मनोनयन से भी रोक दिया है।

कोर्ट ने कहा कि संविधान से मिली उच्च शक्तियाें का राज्यपाल ने बेहद खराब ढंग से इस्तेमाल किया है। इस मुद्दे पर 10 हफ्ते बाद विचार किया जाएगा। शनिवार शाम फ्लोर टेस्ट कैसे होगा यह प्रोटेम स्पीकर को तय करना है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कुछ घंटे बाद ही राज्यपाल वजुभाई वाला ने भाजपा विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त कर दिया। वह 2009 से 2013 के बीच स्पीकर रह चुके हैं। साल 2011 में उन्होंने भाजपा के 11 बागियों और पांच निर्दलीयों को अयोग्य घोषित कर सरकार बचाने में येद्दियुरप्पा की मदद की थी। कर्नाटक हाईकोर्ट ने उनका फैसला सही माना था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसे रद्द कर दिया था। शेष | पेज 4 पर





बोपैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करने को कांग्रेस ने नियमों के खिलाफ बताया है। वहीं, भाजपा का दावा है कि 10 साल पहले 2008 में भी वह प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किए गए थे। सामान्यत: सबसे सीनियर विधायक इस पद पर चुना जाता है। पहले कांग्रेस विधायक आरवी देशपांडे का नाम इस पद के लिए चर्चा में था। सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट के दौरान उचित सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी राज्य के डीजीपी को आदेश दिया है।

येद्दि बोले- 101 फीसदी जीतेंगे:

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद येद्दियुरप्पा ने दावा किया कि वह 101 फीसदी जीतेंगे। इसी बीच, चर्चाएं चलती रहीं कि कांग्रेस और जेडीएस के करीब छह विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। वहीं, हैदराबाद भेजे गए कांग्रेस विधायकों को फ्लोर टेस्ट के लिए बेंगलुरू रवाना कर दिया गया है।

कैसे बचेगी सरकार; 111 विधायक बहुमत को जरूरी, येद्दि के पास सिर्फ 104

सुप्रीम कोर्ट लाइव

येद्दियुरप्पा को शपथ दिलवाने के खिलाफ कांग्रेस+जेडीएस की याचिका पर शुक्रवार सुबह 10.30 बजे सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। जस्टिस सिकरी, अशोक भूषण और एसए बोबड़े की बेंच के एक घंटा सुनवाई चली। पढ़िए इस दौरान क्या-क्या हुआ...

मुकुल रोहतगी: येद्दियुरप्पा ने राज्यपाल को सौंपे पत्र में कहा था कि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन अपवित्र है। 104 सीटों के साथ भाजपा सबसे बड़ा दल है। हम बहुमत साबित करने के तैयार हैं।

जस्टिस सिकरी: भाजपा किस आधार पर दावा कर रही है? जरूरी नंबर दिखाएं।

रोहतगी: सिर्फ फ्लोर टेस्ट के दौरान जरूरी नंबर दिखाएंगे। सुप्रीम कोर्ट में दिखाने की कोई जरूरत नहीं है।

जस्टिस भूषण: राज्यपाल ने भाजपा को किस आधार पर चुना?

रोहतगी: यह राज्यपाल का विवेक है।

जस्टिस सिकरी: हमारे पास दो विकल्प हैं। एक- कल ही फ्लोर टेस्ट करा दें और दोनों पक्षों को कोई मौका न दें। दूसरा- यह देखें कि राज्यपाल बड़े दल को बुला सकता है या बहुमत का दावा करने वाले गठबंधन को? सरकार का अंतिम निर्णय फ्लोर टेस्ट से ही होगा। कल ही फ्लोर टेस्ट कराना चाहिए।

सिंघवी: क्या येद्दियुरप्पा को पहले मौका देना सही है? वह सिर्फ मौखिक समर्थन की बात कर रहे हैं। हम भी कल ही फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं।

कपिल सिब्बल: राज्यपाल के विवेक जैसी कोई चीज नहीं है। यह संवैधानिक उक्ति और कानून से घिरा है।

जस्टिस सिकरी: आपके पास कहने को बहुत कुछ होगा। दूसरों के पास भी है। परंतु पहले फ्लोर टेस्ट होने दें।

तुषार मेहता (एएसजी): कांग्रेस+जेडीएस ने सरकार बनाने के लिए कोई भी हस्ताक्षरित पत्र राज्यपाल को नहीं दिया।

मुकुल रोहतगी: फ्लोर टेस्ट शनिवार को नहीं होना चाहिए। सोमवार तक का वक्त देें। जेडीएस+कांग्रेस के विधायक इगलटन रिजॉर्ट में बंद हैं।

जस्टिस सिकरी: हमने चुटकुला देखा था- रिजॉर्ट मालिक कह रहा है कि मेरे पास 117 का बहुमत है और मैं सरकार बना सकता हूं। आपको समय नहीं मिलेगा। राज्यपाल ने संविधान से मिली उच्च शक्तियाें का खराब ढंग से इस्तेमाल किया है। हम इस पर बाद में विचार करेंगे।

कुल सीटें: 222, लेकिन एचडी कुमारस्वामी दो सीटों पर जीते हैं। उनका एक ही वोट होगा। एक विधायक प्रोटेम स्पीकर बन गया। यानी 220 वोट बचे। ऐसे में बहुमत 111 का होगा।

दलों की स्थिति

भाजपा 104

कांग्रेस 78

जेडीएस+ 38

अन्य 02

विधायक रिजॉर्ट में बंद होने पर बोले जस्टिस सिकरी- चुटकुला सुना है कि 117 विधायकों के साथ रिजॉर्ट मालिक सरकार का दावा कर रहा है

येद्दियुरप्पा सरकार बचाने के लिए यह समीकरण संभव हैं

1 कम से कम सात विधायक दल-बदल कर भाजपा को वोट दें। कांग्रेस या जेडीएस में सेंध लगाए बिना यह संभव नहीं। दल-बदल कानून के तहत इन विधायकों की सदस्यता भी चली जाएगी।

2 फ्लोर टेस्ट के दौरान कांग्रेस+जेडीएस के कम से कम 13 विधायक गैर हाजिर रहें। सदन में 207 विधायक ही होंगे तो बहुमत का आंकड़ा 104 हो जाएगा। ऐसे में भाजपा अपने विधायकों के दम पर ही बहुमत दिखा सकती है। विधायक शपथ लिए बिना गैर हाजिर रहते हैं तो उन पर व्हिप भी लागू नहीं होगा।

3 13 विधायकों से इस्तीफा दिलवाने की संभावना भी हो सकती है।

* एक निर्दलीय और केपीजेपी के एक विधायक का भी भाजपा को समर्थन मिल सकता है।

खबरें और भी हैं...