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10 दिवसीय विधिक सेवा अभियान का शुभारंभ जिला जेल में हुआ

3 वर्ष पहले
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विधिक सेवा संस्थान बंदियों सहित समाज के कमजोर वर्गों को कानूनी सेवाएं प्रदान करने में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे है। कमजोर वर्गों में से महिला बंदी भी हैं। जिनके 4 प्रतिशत जेल आबादी है। उनके कानूनी, स्वास्थ्य, पोषण संबंधी आवश्यकताएं पुरुष कैदियों से अलग हैं, जिसके लिए उनकी कानूनी जरूरतों को समझने एवं समाधान करने के लिए एक अलग दृष्टिकोण की आवश्यकता है। कुछ महिला बंदियों के साथ उनके छोटे बच्चे भी उनके साथ रहते हैं, जिनकी अलग-अलग जरूरतें रहती हैं।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई-दिल्ली के निर्देशानुसार एवं मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष सरिता सिंह के मार्ग-दर्शन में जिला जेल धार में निरुद्ध में महिला बंदियों एवं उनके साथ रह रहे बच्चों के लिए 10 दिवसीय अभियान का शुभारंभ किया। इसके तहत महिला बंदियों एवं उनके बच्चों के सर्वांगीण विकास को दृष्टिगत रखते हुए सर्वप्रथम दिनचर्या में योगा अभ्यास को रखा गया। इसका औपचारिक शुभारंभ जिला रजिस्ट्रार व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव विवेक कुमार चंदेल, जिला विधिक सहायता अधिकारी रेखा द्विवेदी, जिला जेल अधीक्षक एसके उपाध्याय आदि ने किया।

विधिक साक्षरता शिविर में महिला बंदियों को उनके विधिक अधिकार की जानकारी दी। इसके पश्चात इसी कड़ी में प्रारंभिक स्तर पर साक्षर बनाए जाने के लिए पैरालीगल वालेंटियर अनुपमा सक्सेना ने महिला बंदियों की पाठशाला आयोजित की। आगामी दिनों में महिला बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण, उनकी शिक्षा तथा विधिक साक्षरता के साथ-साथ रंगोली प्रतियोगिता एवं अन्य गतिविधियां आयोजित की जानी है। जिससे महिला बंदी व उनके बच्चों का विकास हो सके।

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