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20 रु. जलकर बढ़ाने के बाद भी नियमित पानी नहीं मिलने पर महिलाओं ने नपा का किया घेराव

3 वर्ष पहले
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भीषण गर्मी और गिरते जलस्तर के बीच नगरपालिका शहर में नियमित पेयजल सप्लाय करने में नाकाम साबित हो रही है। आलम यह है कि कई इलाकों में 7 से 10 दिन में एक बार पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को भाजपा महिला मोर्चा की सदस्यों ने नगरपालिका का घेराव कर दिया। चैनल गेट बंद कर वे बाहर परिसर में ही धरने पर बैठ गई। इस दौरान किसी को अंदर नहीं आने दिया गया। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने नपा अध्यक्ष के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। दोपहर साढ़े 12 बजे महिला मोर्चा की पदाधिकारी और कार्यकर्ता नपा पहुंच गई थी। वे अंदर दाखिल हुईं और चैनल गेट को बंद कर दिया। यहां दो महिलाएं रास्ता रोककर खड़ी हो गई ताकि कोई अंदर या बाहर आ-जा नहीं सके।

महिला माेर्चा की पदाधिकारियों का कहना था नगर में पहले दो दिन में एक बार जल प्रदाय किया जा रहा था। इसके लिए नगरपालिका प्रतिमाह 80 रु. जलकर ले रही थी। वर्तमान में नगरपालिका पर्याप्त जल आपूर्ति नहीं कर पा रही इसके बावजूद जलकर 20 रु. बढ़ाकर 100 रु. कर दिया गया। यह किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। इसे पूर्ववत किया जाना चाहिए। मोर्चा की सदस्यों ने यह भी बताया कि वर्तमान में नगर में जो पानी सप्लाई किया जा रहा है वह गंदा और मटमैला आ रहा है। यह आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन के बाद उन्होंने सीएमओ के नाम एई देवेंद्र कौल को ज्ञापन सौंपा।

फरार चल रहे जलकार्य समिति सभापति

12 मार्च की रात इस्लामपुरा में एक शादी समारोह के दौरान हुए विवाद में नपा के जल कार्यसमिति सभापति व वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद मसीत अली (कल्लू नेता) पर जानलेवा हमले और बलवा की धाराओं में केस दर्ज हुआ था। तभी से वे फरार है। परिषद की अभी तक दो बैठक हो चुकी है, जिसमें वे अनुपस्थित रहे।

दोपहर साढ़े 12 बजे पहुंची और आधे घंटे तक की नारेबाजी, किसी को अंदर-बाहर नहीं आने-जाने दिया

धार. नगर पालिका के अंदर बैठकर महिलाओं ने करीब आधे घंटे धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की।

दो महिलाएं चैनल गेट पर ही खड़ी रहीं। किसी को अंदर-बाहर नहीं जाने दिया।

पहले साधन की कमी थी तो भी नहीं था संकट

मोर्चा पदाधिकारियों के अनुसार पूर्व परिषद के समय न तो 8 नई पानी की टंकियां बनी थी और न ही दिलावरा का पानी नगर में पहुंचा था। आधुनिक फिल्टर प्लांट भी नहीं था, इसके बावजूद नगर में इस प्रकार जलसंकट नहीं था। वर्तमान में जब दो-दो फिल्टर प्लांट और दिलावरा तालाब का अतिरिक्त पानी होने के बाद भी जलसंकट के हालात हैं। ये नगरपालिका की अकर्मण्यता को प्रदर्शित करता है।

ज्ञापन के माध्यम से ये मांगें रखीं

नगर के फिल्टर प्लांट पर साफ व स्वच्छ पेयजल प्रदाय करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए। इसमें लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई हो।

नगर के सभी वार्डों में बारी-बारी से दो दिन में एक बार पानी सप्लाय करें।

बढ़ाए गए जलकर की राशि 100 रु. से घटाकर पुन: 80 रु. प्रतिमाह की जाए।

नगरपालिका में जल प्रबंधन के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित कर उसका नंबर सार्वजनिक करें।

नई जलप्रदाय पीआईसी का गठन किया जाए।

एक दिन बिजली बंद होने से पानी सप्लाई का रोटेशन गड़बड़ा गया

बीच में एक दिन बिजली बंद होने से टंकियां भरने में टाइम लग गया। जिससे पानी सप्लाय का रोटेशन गड़बड़ा गया। गर्मी के दिनों में वैसे भी पानी की मांग बढ़ जाती है। चूंकि अभी जलस्तर में भी गिरावट आई है इससे कुछ समस्या आ रही है। डॉ. मधु सक्सेना, सीएमओ, धार

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