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नीमच जिले के सरकारी हाईस्कूल जूनापानी में लगातार दूसरे साल हर बच्चा प्रथम श्रेणी में पास, हर माह होते हैं बोर्ड परीक्षा की तरह टेस्ट

3 वर्ष पहले
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नीमच-रामपुरा राेड पर बसा छोटा सा गांव जूनापानी। आबादी सवा सौ। एक हाईस्कूल हैं जहां 12 गांव के बच्चंे पढ़ते हैं। स्कूल में हर महीने बोर्ड परीक्षा की तरह टेस्ट होते हैं। विद्यार्थियों के मन से बोर्ड परीक्षा का भय दूर किया जाता है। इसका परिणाम यह रहा कि दो वर्ष से स्कूल के सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में पास हो रहे हैं। पांच साल से परीक्षा परिणाम भी 100 प्रतिशत आ रहा है।

यह सुधार आया प्राचार्य बीएल बसेर के कुशल प्रबंधन और विशेष योजना से। उन्होंने योजना के चार आधार बनाए और परिणाम सुधारने की कवायद दी। 2014 से पहले संस्था का परीक्षा परिणाम 50 फीसदी के आसपास और प्रथम आने वालों की संख्या कम रहती थी। लेकिन अब स्थिति इससे उलट है। छात्र मोहनलाल के अनुसार यदि कोई छात्र स्कूल नहीं आता है तो प्राचार्य परिजन से कहते हैं तुमने हमारे बच्चे को स्कूल आने से क्यों रोका है। इससे अब परिजन किसी काम के लिए बच्चों को घर पर नहीं रोकते। रोज स्कूल जाने से परिणाम में सुधार आया है। अब स्कूल में आसपास के अन्य स्कूल के विद्यार्थी भी प्रवेश के लिए आवेदन करने लगे हैं।

सरकारी स्कूल के शिक्षकों की मेहनत रंग लाई, पांच साल से परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत आ रहा

स्कूल के अच्छ परिणाम के लिए यह तय किया

हर महीने बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा ली

विद्यार्थियों व शिक्षकों को मोटीवेट किया।

स्कूल में समय पर सभी की उपस्थिति तय की।

रोज बच्चों की हाजिरी मोबाइल पर अपडेट की।

अंडरग्राउंड प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया।

स्कूल को विद्यार्थी अनुपस्थित रहता तो प्राचार्य फोन कर परिजन से चर्चा करते हैं।

विद्यार्थी से अकेले में चर्चा कर उसे अपने साथी से अधिक नंबर लाने के प्रोत्साहित किया।

हर 10 दिन में रिक्त स्थान वाले 500 प्रश्न बच्चों से हल कराए जाते हैं।

जो बच्चे कमजोर रहते हैं उन पर विशेष ध्यान देकर पढ़ाया जाता है।

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