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माछलिया घाट वाले 7.50 किलोमीटर हिस्से में बनेगी 10 मीटर चौड़ी सड़क

3 वर्ष पहले
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इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन के बीच माछलिया घाट के 7.50 किमी के हिस्से में 10 मीटर चौड़ी डामरीकृत सड़क बनेगी। दोनों तरफ तीन मीटर के हिस्से में साइड शोल्डर रहेगी। वन विभाग ने आसपास के हिस्से में दूसरा कुछ भी काम नहीं करने की शर्त पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को इसके लिए अनुमति दे दी है। अब एनएचएआई एस्टीमेट तैयार करवा रहा है। ताकि जल्द से जल्द घाट सेक्शन में काम पूरा कर लिया जाए। गौरतलब है कि कुल 155.15 किमी में से अब तक 139 किमी में ही फोरलेन का निर्माण हो पाया है। चूंकि माछलिया घाट वनक्षेत्र के अंतर्गत आता है तो इस हिस्से में निर्माण की अनुमति के चक्कर में काम अटका था। अब जाकर वन विभाग से अनुमति मिल पाई है। वह भी इस शर्त पर कि एनएचएआई आसपास के हिस्से में छेड़छाड़ नहीं करेगी।

घट जाएगी हादसों की संभावना : वर्तमान में माछलिया घाट पर करीब साढ़े 6 मीटर चौड़ाई में सड़क बनी हुई है। इसके 10 मीटर चौड़ाई में बन जाने से वाहनों की क्रॉसिंग के दौरान हादसा होने की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई कम होने और रास्ता पूरा घुमावदार होने से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसके अलावा घाट सेक्शन में कहीं-कहीं रेलिंग टूट चुकी है। हाल ही में एक कार रात के समय घाट से नीचे खाई में उतर गई। हालांकि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।

धार. माछलिया घाट में सड़क की चौड़ाई बढ़ेगी।

फोरलेन एक नजर में

दो राज्यों मप्र और गुजरात को जोड़ता है फोरलेन

155.15 किमी कुल लंबाई

2009 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट

1100 करोड़ रुपए थी 2 शुरुआती लागत

139 किमी सड़क ही बन पाई फिर भी

कुछ शर्तों पर अनुमति दी है

वन विभाग ने कुछ शर्तों पर अनुमति दी है। उसी के अनुरूप एस्टीमेट तैयार करवा रहे हैं। हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द माछलिया घाट वाले कुल साढ़े 7 किमी के हिस्से में सड़क बना दी जाए। -रवींद्र गुप्ता, प्रोजेक्ट इंचार्ज, एनएचएआई, इंदौर

कुछ हिस्सा प्रभावित नहीं होना चाहिए

माछलिया घाट वाले हिस्से में सड़क निर्माण के लिए एनएचएआई को अनुमति दे दी है। उन्हें स्पष्ट कर दिया है कि निर्माण के दौरान आसपास का हिस्सा किसी तरह से प्रभावित नहीं होना चाहिए। -सतेंद्र कुमार सागर, डीएफओ, धार

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