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रात को हुई डकैती के बाद धार पहुंचे ग्रामीणों ने कहा- पुलिस के रहते भी हम सुरक्षित नहीं

3 वर्ष पहले
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सरदारपुर के गांव भोपावर के मजरे सुल्तानपुर में हथियारबंद बदमाशों की गैंग ने सोमवार रात 11.30 बजे डकैती की। बदमाश 6 घरों में घुसे मारपीट कर 50 हजार से ज्यादा की नकदी व 45 पशु ले गए। बदमाशों के फायर करने से तीन लोग जख्मी हो गए। घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाए एक की स्थिति गंभीर होने से इंदौर रैफर कर दिया। वहीं एक को सरदारपुर में भर्ती कराया। मंगलवार को धार पहुंचे सुल्तानपुर के ग्रामीणों ने कहा- पुलिस के रहते भी हम सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने जनसुनवाई में भी शिकायत की।

ग्रामीणों ने बताया बदमाशों के जाने के बाद राधू पिता मोरसिंह ने 4 बार पुलिस को फोन लगाया। उसके बाद रात 1 बजे पुलिस पहुंची। जब तक बदमाश भाग चुके थे। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस समय पर आ जाती तो बदमाश पकड़ में आ जाते। रात 1.30 बजे एंबुलेंस के पहुंचने पर घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार किया। वहीं चत्तर सिंह के सीने और पैर में दो जगह लगे छर्रे निकालकर मंगलवार सुबह इंदौर रैफर कर दिया।

जनसुनवाई में एडीएम को बताया पूरा घटनाक्रम

मंगलवार सुबह सरपंच विनोद सिंगार के साथ ग्रामीण धार पहुंचे। इनमें महिला, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। एएसपी सचिन शर्मा से मिले और घटनाक्रम बताया। उसके बाद एडीएम दिलीप कापसे से जनसुनवाई में मिलकर घटनाक्रम बताते हुए कहा कि 3 साल से बदमाश आ रहे हैं आैर मारपीट कर वारदात कर रहे। पुलिस के रहते ग्रामीण सुरक्षित नहीं हैं। शीघ्र बदमाशों की धरपकड़ नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे। 23 अगस्त 2016 को बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया था, इस भी अगस्त में वे सक्रिय हो गए। अब तो हमारा भरोसा पुलिस से उठ गया है। धार मुख्यालय पर ग्रामीणों के साथ सरदारपुर थाने की टीम भी पहुंची थी। सरदारपुर के एएसआई केएल पाटीदार और गणपत सिंह चौहान ने कहा रिपोर्ट लिख रहे थे। ग्रामीणों ने विरोध कर कहा पहले आरोपी पकड़ो उसके बाद कार्रवाई होगी। उपसरपंच रामेश्वर दांगी, सचिव रामसिंह बगड़ावत, कैलाश पिता कपूरिया आदि मौजूद थे।

आवेदन देने के बाद भी बंदूक के लिए नहीं दे रहे शस्त्र लाइसेंस

धार पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि लगातार हो रही घटनाओं को लेकर 2016 से बंदूक के लाइसेंस के लिए सरदारपुर में आवेदन दिए। धार में भी आवेदन किए लेकिन 10 में से एक भी ग्रामीण को सुरक्षा के लिए बंदूक का लाइसेंस तक नहीं दिया गया। सभी ने 12 बोर की बंदूक के लिए लाइसेंस मांगा था।

सख्त कार्रवाई करेंगे

गांव में जाकर स्थिति पता करता हूं। बदमाशों पर नकेल कसने के लिए गांव-गांव में जाकर मीटिंग लेंगे। वहीं सरदारपुर टीआई को सतत गश्त के लिए निर्देश दिए है। सख्त कार्रवाई की जाएगी। एएसपी सचिन शर्मा

धार. घटना के विरोध में सरदारपुर पुलिस को घटनाक्रम बताते ग्रामीण।

मनावर में मकान की गैलरी से रस्सा बांधकर चढ़े, नकदी व आभूषण ले गए

दंपती ने मकान से छलांग लगाकर बचाई जान

भास्कर संवाददाता | मनावर

गांव जलखां के एक मकान को सोमवार रात 1 बजे गौफन गैंग ने निशाना बनाया। बदमाश घर में रखे 31 हजार रु. नकद और सोने चांदी के आभूषण ले गए। बदमाश सामने की गैलरी पर चढ़कर रस्सा बांधकर मकान की ऊपरी मंजिल पर चढ़े थे।

वारदात मुख्य मार्ग किनारे स्थित मुकेश जायसवाल के मकान पर हुई। बदमाश दरवाजा तोड़ने लगे तभी अंदर सो रहे मुकेश जायसवाल की प|ी हेमा जाग गई। पति को उठाया तब तक बदमाशों ने पत्थरों से दरवाजे को तोड़ दिया। दोनों पति-प|ी पीछे किचन में जाकर दरवाजा बंद कर पीछे गैलरी में जाकर चिल्लाने लगे। तभी बदमाशों ने गोफन से पत्थर बरसाना चालू कर दिया। पत्थरों के चलते कोई ग्रामीण मदद के लिए घर से बाहर नहीं निकल पाए। बदमाशों के खौफ से पति मुकेश व प|ी हेमा किचन के पीछे गैलरी से दोनों ने नीचे छलांग लगा दी। भाग कर पास के ही मकान की कच्ची टापरी में छिप गए। वहीं से हेमा जायसवाल ने अपने जेठ जो ग्राम टोंकी में रहते है उन्हें फोन लगाया कि बदमाश घर में घुस गए हैं। तभी अखिलेश ने डॉयल 100 को सूचना दी। सूचना मिलते ही डाॅयल 100 व महिला का जेठ अखिलेश बलराम जलखां पहुंचे। तब तक बदमाशों ने ऊपर अलमारी व दीवान में रखे 1 जोड़ झुमकी, 3 अंगूठी, मंगलसूत्र सोने का, 1 जोड़ चांदी के पायजेब, 25 हजार रु. नकदी समेत 6 हजार रु. की चिल्लर व किराना दुकान का सामान ले उड़े। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामला जांच में लिया है।

गैंग के 3 सदस्य पकड़े थे, अन्य का पता नहीं चला

मनावर क्षेत्र में गौफन गैंग बदमाशों का आतंक बरकरार हैं। इस मामले में मनावर धार पुलिस ने पिछले कुछ महीनों के दौरान इस गैंग के 3 सदस्यों को पकड़ा था। इस गैंग के अन्य सदस्यों को चिह्नित भी कर लिया था लेकिन अपराधिक पृष्ठभूमि वाले गंधवानी क्षेत्र के इन बदमाशों तक पुलिस पहुंचने में असफल रही।

जायसवाल दंपती ने कूदकर जान बचाई।

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