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उदयपुर में रिश्तेदार के यहां से पकड़ाया फरार अनाज मंडी व्यापारी राजेश कोठारी

3 वर्ष पहले
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कृषि उपज मंडी में किसानों से उपज खरीदकर भुगतान किए बिना फरार हुए व्यापारी राजेश कोठारी (नवर| ट्रेडर्स) को पुलिस ने उदयपुर (राजस्थान) में उसके रिश्तेदार के यहां से गिरफ्तार कर लिया। उसने 35 किसानों से 34 लाख 34 हजार 205 रुपए की धोखाधड़ी की थी। उनकी उपज खरीदने के बाद पैसा नहीं चुकाया। यह तो रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़ा है। इसके अलावा मंडी के बाहर किसानों के खेत से सीधे और व्यापारियों से खरीदे माल की बकाया राशि 3 करोड़ से ऊपर बताई जा रही है। कोठारी ने कृषि उपज मंडी में नियमों में दी गई अवैधानिक रियायतों का जमकर लाभ उठाया। वह मंडी में आने वाले किसानों को अच्छे भाव देकर सौदा करता रहा। चेक बाउंस होने और आरटीजीएस/एनईएफटी के जरिए किसानों के खातों में राशि नहीं डाले जाने की शिकायतों को नजरअंदाज कर मंडी प्रशासन ने मंडी प्रांगण से कोठारी के माल की जावक होने दी। इसका फायदा उठाते हुए उसने किसानों का माल ठिकाने लगा दिया और उनको पैसा भी नहीं मिला।

व्यापारी राजेश।

ड्राइवर से मिले सुराग से पकड़ाया, मंडी में 35 किसानों से 34 लाख की धोखाधड़ी की

खेत पर जाकर भी किसानों से उनके माल का बाहर ही सौदा कर चेक दे देता था। जब लगा मामला तूल पकड़ सकता है तो कोठारी 4 अप्रैल को जानकी नगर स्थित मकान से सामान बटोरा व भाग निकला। किसान जब उसके घर पहुंचे तो ताला मिला। उसने अपने चारों मोबाइल नंबर भी बंद कर लिए थे। इसके बाद से ही मंडी में लगातार हंगामा चलता आ रहा है। एसपी बीरेंद्रसिंह ने 10 हजार का इनाम घोषित किया था।

सभी सिम तोड़ दी, एक मोबाइल ड्राइवर को दिया

व्यापारी राजेश कोठारी जब यहां से भाग रहा था तो उसे ड्राइवर रिछू इंदौर तक छोड़कर आया था। वहां कोठारी ने अपने मोबाइल में लगी सभी सिम तोड़ दी और एक मोबाइल रिछू को दे दिया। मंडी में लगातार चल रही उठापटक और व्यापारियों के आंदोलन को देखते हुए पुलिस ने 3-4 दिन पहले रिछू को उठा लिया था। सख्ती से पूछताछ करने पर कोठारी के उदयपुर में रिश्तेदार के यहां रहने की सूचना दी। धार पुलिस उदयपुर पहुंची व शनिवार रात कोठारी काे उसके रिश्तेदार के यहां से गिरफ्तार कर लिया। एसपी बीरेंद्रसिंह के अनुसार पूछताछ कर रहें हैं। उसने माल किसे दिया व राशि का क्या किया? काेठारी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज था।

ऐसे की धोखाधड़ी

व्यापारी राजेश कोठारी की मंडी में मात्र 1 लाख रुपए प्रतिभूति राशि जमा थी। जबकि वह रोजाना 5 लाख से अधिक के सौदे करता रहा। आरटीजीएस/एनईएफटी करवा कर बैंक अधिकारियों से खातों में भुगतान रुकवा लेता था। कई दिनों तक भुगतान नहीं करता था। इसके बाद भी मंडी से बिना रोकटोक के खरीदी उपज की जावक होती रही।

यह है नियम

मंडी नियम के अनुसार व्यापारी जितने का सौदा एक दिन में करता है, उतनी प्रतिभूति जमा होनी चाहिए। आरटीजीएस/एनईएफटी से एक दिन में भुगतान नहीं होने पर व्यापारी की उपज मंडी प्रांगण से बाहर नहीं जा सकती।

28 काे ही व्यापारी खरीद पाएंगे चने सहित अन्य उपज

शासन के निर्देशानुसार मंडी में 26 मई तक समर्थन मूल्य पर चने की खरीदी की जाना है। इसके लिए चने को ही प्राथमिकता दी जाना है। व्यापारियों के अनुसार 26 मई तक चने की खरीदी होने से मंडी में दूसरी उपज की खरीदी नहीं होगी। 28 मई से ही चने के अलावा अन्य उपज की खरीदी शुरू होगी।

मंडी प्रशासन ने जमानतदारों के गोदाम कर दिए सील

किसानों का गुस्सा देखते हुए 7 अप्रैल को मंडी प्रशासन ने व्यापारी राजेश कोठारी के जमानतदार नित्यानंद ट्रेडर्स और महादेव ट्रेडर्स के गोदाम सील कर दिए। इसके बाद व्यापारी भड़क गए। तब से लगातार मामला चल रहा है। 9 मई को मंडी प्रशासन ने व्यापारियों की बिना सहमति के उनकी 45 लाख की गारंटी राशि की एफडी तुड़वाकर मंडी के खाते में जमा करवा दी। इसके बाद व्यापारियों ने नीलामी का बहिष्कार कर अनिश्चितकाल के लिए मंडी बंद कर दी थी। इस दौरान गतिरोध को खत्म करने के लिए बैठकों का दौर चलता रहा। ऐसे में व्यापारी हाईकोर्ट पहुंचे। इसके बाद मंडी प्रशासन ने 19 मई को सील किए दोनों गोदाम खोल दिए।

राठौड़ की तबीयत में सुधार

शनिवार को कलेक्टर और व्यापारियों की बैठक के दौरान मंडी अध्यक्ष प्रभु राठौड़ का ब्लड प्रेशर कम होेने से इंदौर ले जाया गया था। जहां से देर रात छुट्टी कर दी थी। रविवार को राठौड़ की तबीयत में सुधार हुआ। उन्होंने बताया फल-फ्रूट लिए हैं।

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