3 वर्ष हारे, फिर शरीर सुधारा और जीते, अब चैम्पियन
ये हैं भारतीय मूल के कैनेडियन रेसलर जिंदर महल। हाल ही रेसलिंग के सबसे बड़े ईवेंट रेसलमेनिया 34 में उन्होंने यूएस चैंपियन का खिताब अपने नाम किया है। इससे पहले महल 21 मई 2017 को डब्ल्यूडब्ल्यूई वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन बने थे। भास्कर से बातचीत में महल ने कहा कि अब रेसलिंग का क्रेज भारत में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में विश्व स्तरीय रेसलर तैयार करने की 100 फीसदी क्षमता है। हमारे यहां से हर तरह के एथलीट निकल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले द ग्रेट खली ने बड़ी संख्या में भारतीयों को प्रेरित किया है। मैं खुद उनसे काफी प्रभावित रहा हूं। मुझे और मेरे जैसे अन्य भारतीय रेसलर्स की जिम्मेदारी है कि वे अच्छा परफॉर्म करें और मिसाल बने ताकि ज्यादा भारतीय युवाओं को प्रेरणा मिले। जिंदर ने कैलगेरी यूनिवर्सिटी (कनाडा) से बिजनेस की पढ़ाई की है। उन्होंने 2011 में डब्ल्यूडब्ल्यूई में डेब्यू किया था। लेकिन करीब 3 साल लगातार मिली असफलता के कारण उन्हें 2014 में कंपनी ने रिलीज कर दिया था। बाद में उन्होंने काफी मेहनत की, शराब छोड़ी, जंक फूड छोड़ा और शरीर को बड़े मुकाबले के लिए तैयार किया। 2016 में उनकी डब्ल्यूडब्ल्यूई में वापसी हुई। उसके बाद से वे इसके बड़े स्टार बन गए हैं।
रिंग नेम- जिंदर महल निक नेम- द महाराजा जन्म- 19 जुलाई, 1986 कॉलेज- कैलगेरी यूनिवर्सिटी हाईट- 6 फीट 5 इंच
क्यों चर्चा में- हाल ही में यूएस चैंपियन बने हैं।