शहर में 16 ही अवैध कॉलोनियां या ज्यादा, यह जानने का नहीं हुआ सर्वे
सीएम शिवराजसिंह चौहान ने 26 मार्च को कॉलोनी नियमितिकरण के लिए नियम शिथिल करने की घोषणा की थी। शहरों में अवैध कॉलोनियों का सर्वे कर उनकी अधिसूचना जारी कर नियमितिकरण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया लेकिन 18 दिन बाद भी यथास्थिति है। 26 मार्च के पूर्व 16 अवैध कॉलोनियां चिह्नित की गई थीं। शुक्रवार तक भी नगरपालिका के पास ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है, जिससे यह कहा जा सके कि शहर में 16 ही अवैध कॉलोनियां हैं या ज्यादा।
जिले की हर नगरीय निकाय को संबंधित एसडीएम के मार्फत कलेक्टर तक रिपोर्ट भेजना है। इसके बाद ही कलेक्टर अधिसूचना जारी करने की कार्रवाई आगे बढ़ाएंगे। अधिसूचना के बाद कॉलाेनियों के दावे लिए जाएंगे। कॉलोनीवासियों की बैठक ली जाएगी। रहवासियों से चर्चा के आधार पर संबंधित कॉलोनी के विकास का मॉडल तय होगा। राजस्व व नपा का अमला सर्वे करेगा। इंजीनियर एस्टीमेट बनाएंगे। जनभागीदारी के लिए किश्तों में, ऋण के जरिये भुगतान सुविधा रहेगी। शासन के हिस्से की राशि का आवंटन चरणवार होगा। 15 अगस्त तक अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की सरकार की योजना है लेकिन जिला स्तर पर कार्रवाई ढीली है।
अमला अन्य कामों में उलझा, नहीं किया सर्वे
नपा, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग व राजस्व अमला बनाएंगे रिपोर्ट, कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी
नगरपालिका, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और राजस्व अमला मिलकर रिपोर्ट बनाएगा, जो कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी। इसमें बताया जाएगा कि कॉलोनी में क्या विकास कार्य हुए हैं। कॉलोनी सरकारी जमीन पर है या निज जमीन पर। बंधक प्लाॅट कितने हैं। कॉलोनाइजर के बारे में भी जानकारी देना है।
कॉलोनियों के सर्वे को लेकर अमले की अन्य कार्यों में व्यस्तता का बहाना बताया जा रहा है। मूलभूत निर्माण कार्यों में इंजीनियर लगे हुए हैं। उन्हें कॉलोनियों के कार्य में लगाने पर कार्य प्रभावित होने की बातें कही जा रही हैं। राजस्व विभाग और नगरपालिका में भी तालमेल का अभाव है।
सांसद-विधायक निधि से भी करवाए जाएंगे काम
कॉलोनियों में निगम मद के अलावा सांसद, विधायक निधि से भी विकास कार्य कराएंगे। अन्य योजनाओं में भी इनमें विकास कार्य होंगे। कॉलोनी वैध हो जाने पर प्लॉट पर मकान बनाने के लिए बैंक से लोन मिलने लगेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना का भी फायदा ले सकेंगे।
सरकारी जमीन पर बनी कॉलोनियां नहीं होंगी वैध
सरकारी जमीन या उपक्रम की जमीन पर बनी है या खेल मैदान, उद्यान, नदी-तालाब, राष्ट्रीय आस्तियां यानी सरकार ने किसी उपयोग के लिए आरक्षित की है, ऐसी कॉलोनियां वैध नहीं होंगी।
प्रक्रिया लंबी है समय लगेगा
कॉलोनियों को वैध कराने का प्रारूप लेकर सभी सीएमओ को सोमवार को बुलाया है। जहां की जानकारी आ जाएगी, उसे कलेक्टर को भेज कर अधिसूचना जारी करवाने की प्रक्रिया चालू करवाई जाएगी। हालांकि यह प्रक्रिया लंबी है। इसमें थोड़ा समय तो लगेगा। आरएस मंडलोई, शहरी विकास अभिकरण अधिकारी
जल्द कार्रवाई कर ली जाएगी
अन्य कार्यों में इंजीनियरों के व्यस्त होने से अभी अवैध कॉलोनियों की रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाई है। हम नहीं चाहते कि कोई छूटे। जल्द कार्रवाई पूर्ण करा ली जाएगी। डॉ. मधु सक्सेना, सीएमओ नपा धार