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बिजनेस में पैसिव इनकम प्लान्स के जरिए बढ़ा सकते हैं अपनी आय

3 वर्ष पहले
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जनेस और जॉब दोनों में आय एक महत्वपूर्ण मसला है। ऐसे में हरेक पेशेवर आय बढ़ोतरी के बारे में सोचता है, लेकिन अच्छी बात यह है कि हर महीने की निश्चित राशि के अलावा भी इनकम में बढ़ोतरी के लिए अब कई तरीके हैं, खासतौर पर आंत्रप्रेन्योर्स के लिए। इसके लिए आपको पैसिव इनकम के बारे में समझना होगा। पैसिव इनकम यानी कम मेहनत में ज्यादा आय। इसके तहत कुछ क्रिएटिव स्ट्रैटजी के जरिए रेवेन्यू बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए अपनी जरूरत, सुविधा और स्किल के हिसाब से कुछ तरीके अपनाए जा सकते हैं। जानिए कुछ पैसिव प्लान्स के बारे में जिनका इस्तेमाल आप बिजनेस में अपनी आय बढ़ाने के लिए कर सकते हैं।

कुछ क्रिएटिव स्ट्रैटजी के माध्यम से आंत्रप्रेन्योर्स अपनी सहूलियत के मुताबिक रेवेन्यू को बढ़ा सकते हैं

साइलेंट बिजनेस पार्टनर

प्रसिद्ध उद्यमी रतन टाटा ने साइलेंट इन्वेस्टर के रूप में पेटीएम, ओला और जियोमी में पैसा लगाया है। आप भी किसी बिजनेस में साइलेंट इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं। जरूरी नहीं कि आप उस कंपनी में शामिल हों। वक्त के साथ वह पैसा रिटर्न देने लगेगा। पैसा कहां लगाना है यह फैसला आप अपनी पसंद के हिसाब से कर सकते हैं।

फ्रेंचाइजी मॉडल

नियमित आय के लिए आप कोई भी ऐसा बिजनेस मॉडल डेवलप कर सकते हैं जो आपको फ्रेंचाइजी फर्म्स से जुड़ाव बढ़ाने में मदद दे। इसमें रॉयल्टी, कमीशन या मुनाफा अलग-अलग हो सकता है। उदाहरण के तौर पर बास्किन रॉबिन्स, मैक डोनाल्ड, पिज्जा हट की फ्रेंचाइजी लेकर कई उद्यमी अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।

रिवॉर्ड पॉइंट्स : एयर इंडिया, सिटी बैंक व स्टार अलायंस समेत कई कंपनिया कस्टमर्स को शॉपिंग के दौरान रिवॉर्ड पॉइंट्स देती हैं। इसके जरिए ग्राहक जोड़कर आय बढ़ाई जा सकती है।

आउटसोर्सिंग का फायदा: ज्यादा काम होने पर आप एक तय कीमत में फ्रीलांसर्स से काम करवा सकते हैं। ऐसा करना अप्रत्यक्ष रूप से आपकी इनकम में बढ़ोतरी करेगा।

मेंबरशिप बेस्ड बिजनेस मॉडल

यह तरीका भी आपके काम का साबित हो सकता है। बीटूबी सर्विसेज में अलग-अलग बिजनेस सेक्टर्स जैसे जिम, स्पा, सैलून, क्लब्स में कस्टमर्स को अच्छे ऑफर देना भी फायदेमंद हो सकता है। मसलन महीने की भारी-भरकम फीस के बजाय पूरे साल का सब्सक्रिप्शन करवाने पर फीस में कटौती जैसे विकल्प आप आजमा सकते हैं। इससे भी आपकी आय में बढ़ोतरी होगी।

एक बार तक सीमित न हो मुनाफा

अगर आप सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं तो एक बार में इसे बड़ी कीमत में बेचने के बजाय सालाना सब्सक्रिप्शन के आधार पर बेचें तो ज्यादा फायदा हो सकता है। उदाहरण के तौर पर एडोब ने शुरुआत में ज्यादा कीमत वाली सर्विसेज ऑफर कीं जिसके चलते वह लंबे समय तक अपने ग्राहकों को नहीं जोड़ पाया, लेकिन आगे कंपनी ने क्लाउड बेस्ड सर्विस का सहारा लिया और अच्छा मुनाफा कमाया।

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