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अस्पताल, सरकारी कार्यालय या स्कूल के पास है आपका मकान तो बढ़ सकता है प्रॉपर्टी का दाम
यदि आपका मकान किसी अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान जैसे- स्कूल, कॉलेज या सरकारी दफ्तर के पास है तो इस क्षेत्र में प्रॉपर्टी के भाव में बढ़ोतरी हो सकती है। इस संंबंध में मप्र शासन द्वारा जारी किए गए नए बाजार मार्गदर्शक सिद्धांत के तहत प्रावधान किए गए हैं। इससे पहले केवल प्रावधान था कि यदि मकान रेलवे व बस स्टैंड मार्ग के पास और जिला मुख्यालय से निकट है तो इसके दाम अधिक हो सकते हैं। इस बार एक्ट के बिंदु 6(2) में प्रावधान करते हुए इसे और वृहद कर दिया है।
नए प्रावधान में कहा गया है कि यदि मकान सड़क, रेलवे, बस स्टैंड के मार्ग, बाजार या इस तरह की सुविधा के पास है, किसी तरह की सुख-सुविधा उस क्षेत्र में है, शैक्षणिक परिसर और अस्पताल आदि है तो इन सभी तथ्यों को देखते हुए दाम तय किए जा सकेंगे। वरिष्ठ पंजीयक वकील पं. देवीप्रसाद शर्मा ने कहा कि अब इस बिंदु से दाम तय करने के लिए कई मानक घोषित कर दिए गए हैं जो सर्वे के दौरान काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। इसके पहले के प्रावधान इतने वृहद नहीं हैं।
तीन समितियां तय करेंगी गाइडलाइन
पूर्व प्रावधानों की तरह इस बार भी गाइडलाइन तय करने के लिए तीन तरह की समितियों- केंद्रीय, जिला और उप मूल्यांकन कमेटी का गठन किया है। उप मूल्यांकन कमेटी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की अध्यक्षता में होगी और यह पटवारी, तहसीलदार आदि द्वारा किए गए सर्वे व अन्य मानकों के आधार पर प्रॉपर्टी के दाम प्रस्तावित करेगी। जिला मूल्यांकन कमेटी कलेक्टर की अध्यक्षता में होगी और वह उप मूल्यांकन कमेटी के प्रस्ताव पर विचार कर उसे अंतिम रूप देगी। बाद में महानिरीक्षक पंजीयक की अध्यक्षता में गठित केंद्रीय मूुल्याकंन कमेटी हर जिले की गाइडलाइन को अंतिम मान्यता देगी।
इसलिए बदल दिए हैं नियम
केंद्रीय स्टैंप एक्ट के चलते मप्र स्टैंप एक्ट की धारा 47(क) खत्म हो गई थी। इसी धारा के अधीन बाजार मार्गदर्शक सिद्धांत को मान्यता मिली हुई थी और इसी से हर जिले की गाइडलाइन बनती थी। इसके कारण मप्र सरकार ने मार्च में सूचना जारी कर वर्ष 2017-18 की गाइडलाइन को ही अगले आदेश तक जारी रखने के निर्देश जारी कर दिए थे। अब शासन ने 11 अप्रैल को गाइडलाइन बनाने के नए नियम जारी कर दिए हैं। इसके तहत जिले में प्रॉपर्टी की नई गाइडलाइन बनाने की प्रक्रिया की जाएगी, जो संभवत: 1 जून से लागू होगी।