पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • सिंगल पेरेंट बनकर गोद लिए बच्चे को भी अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार : हाई कोर्ट

सिंगल पेरेंट बनकर गोद लिए बच्चे को भी अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार : हाई कोर्ट

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण और दिलचस्प फैसला दिया है। अनुकंपा नियुक्ति के मामले में हाई कोर्ट ने फैसला दिया है कि सिंगल पेरेंट (कुंवारा) बनकर भी कोई व्यक्ति बच्चा गोद लेता है तो उस संतान को अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार है। नगर निगम में कर्मचारी रहे व्यक्ति का ड्यूटी के दौरान निधन हो गया था। उसकी गोद ली हुई संतान ने अनुकंपा नियुक्ति मांगी तो सरकारी नियम आड़े आ गया। नियम में यह लिखा है दंपती द्वारा बच्चा गोद लिए जाने पर उसे अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार होगा। इस नियम को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

जस्टिस सतीशचंद्र शर्मा की खंडपीठ ने यह फैसला दिया है। उज्जैन नगर निगम में काम करने वाले किशोर श्रीवास्तव ने विधिवत तरीके से एक बच्चा गोद लिया था। श्रीवास्तव ने बगैर शादी किए यह काम किया था। बच्चे का नाम अशोक रखा था। पिछले वर्ष किशोर की मृत्यु हो गई थी। मृत्यु के बाद अशोक ने निगम में अनुकंपा नियुक्ति के दावा किया था। गोद लेने के प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किए थे, लेकिन निगम ने उनका आवेदन इस आधार पर खारिज कर दिया था उन्हें दंपती ने नहीं, बल्कि एक व्यक्ति (सिंगल पेरेंट) ने गोद लिया है। अशोक ने इस फैसले को अधिवक्ता आनंद अग्रवाल के जरिए हाई कोर्ट में चुनौती दी। याचिका में उल्लेख किया कि बच्चा गोद लेने के लिए ऐसा कहीं उल्लेख नहीं है कि दंपती का होना जरूरी है। सिंगल पेरेंट भी गोद लेकर उसका पालन-पोषण कर सकते हैं। रहा सवाल नौकरी देने का, तो बच्चे को गोद वैधानिक तरीके से लिया गया। केवल वह शादीशुदा नहीं था। इस आधार पर आवेदन खारिज नहीं किया जा सकता। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद निगम को आदेश दिए कि अशोक को अनुकंपा नियुक्ति पर रखा जाए। उसे वैधानिक तरीके से गोद लिया गया है। सिंगल पेरेंट ने गोद लिया है, इस आधार पर आवेदन खारिज करना गलत है।

खबरें और भी हैं...