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अपने प्राणों से राष्ट्र बड़ा होता है, हम मिटते हैं तो राष्ट्र खड़ा होता है : सोनाने

3 वर्ष पहले
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धार | राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ धार नगर ने आंबेडकर जयंती त्रिमूर्ति नगर स्थित प्रतिमा स्थल पर मनाई। कार्यक्रम के वक्ता देवेंद्र सोनाने ने कहा कि देश को जगाना, देश को बताना है तो डॉक्टर साहब के व्यक्तित्व को हमको जानना होगा। हिंदू जीवन पद्धति में कोई जातीय व्यवस्था थी ही नहीं। भारत में इस्लाम आने के बाद देश जातियों में बंट चुका था, इस्लाम की नीति थी फुट डालों राज करो, स्वर्ण जाती, दलित जाती, पिछड़ी जाति का बीज डालकर उन्होंने इतने बड़े समुदाय हिंदू समाज को तोड़ा जा सकता है यह सोच थी इस्लाम की। इसका शिकार डाॅ. अांबेडकर को भी होना। अपने प्राणों से राष्ट्र बड़ा होता है, हम मिटते है तो राष्ट्र खड़ा होता है। सोनाने ने आगे कहा समाज में कोई दलित नहीं है,कोई पिछड़ा नहीं है,कोई स्वर्ण नहीं है,कोई उच्च श्रेणी का नहीं है और कोई नीचे की श्रेणी में नहीं है। हिंदू धर्म में कोई जाति है तो वो संपूर्ण हिंदू समाज है जो कि एक है एक समान है।

आचरण व व्यवहार संस्कार युक्त होना चाहिए : काग

रिंगनोद |
सामाजिक समरसता मंच ने शनिवार रात समरसता कार्यक्रम आयोजित किया। अध्यक्षता समिति के नाथूलाल गवरी ने की। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग घोष प्रमुख श्याम काग, मनावर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यवाह बाबूलाल हामड़ ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। काग ने कहा आज हम जिनकी जयंती मना रहे है वे बाबा साहब प्रारंभिक काल में बड़े कठिन समय से गुजरे लेकिन वे मानवता के कल्याण, समाज की उन्नति एवं देश भक्ति से विमुख नहीं हुए। हमारा आचरण और व्यवहार सदा अच्छा और संस्कार युक्त होना चाहिए। इसकी पहली इकाई अपना परिवार होता है। प्रबुद्ध नागरिकों व युवाओं सहित सभी समाज प्रमुखों ने भाग लिया। संयोजक कृष्णकांत जोशी थे। संचालन मुकेश काग ने किया। अतिथियों का परिचय बाबूलाल हामड़ ने करवाया।

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