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जिपं सीईओ रहते वनाें में पट्‌टे की जमीन पर मनरेगा का फॉर्मूला देने वाले दीपक सिंह अब होंगे धार कलेक्टर

3 वर्ष पहले
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कलेक्टर श्रीमन शुक्ला का तबादला हो गया है। उनकी जगह दीपक सिंह नए कलेक्टर होंगे। तबादला आदेश रविवार को जारी हुआ। सिंह बुरहानपुर से कलेक्टर पद से ही तबादला होकर धार आ रहे हैं। शुक्ला को भोपाल में खाद्य आपूर्ति विभाग में संचालक बनाया है।

दीपक सिंह 2009 से 2012 के बीच धार में पौने तीन साल के लिए जिला पंचायत सीईओ के पद पर रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने वनाधिकार पट्‌टाधारी लोगों को रोजगार देने के लिए उनकी जमीनों पर ही कुएं व अन्य निर्माण कार्य करवाने का नवाचार किया था। 13000 हितग्राहियों को इससे फायदा हुआ था।

नवाचार के इस मॉडल को बहुत सराहा गया और बाद में इसे मनरेगा योजना में जस का तस शामिल किया गया। चूंकि नए कलेक्टर जिले की भौगोलिक, आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक तासीर से पहले से वाकिफ हैं, लिहाजा माना जा रहा है कि वे उनके पूर्व के ग्रामीण विकास के कार्यकाल में किए गए नवाचारों को अब प्रशासनिक जिम्मेदारियों के दौरान भी लागू करेंगे। गौरतलब है शुक्ला पिछले चार महीने से अपना तबादला भोपाल कराने के लिए प्रयासरत थे। पिछले महीने ही उन्होंने अपने परिवार को भोपाल शिफ्ट करवा दिया था। बेटे का एडमिशन भोपाल के स्कूल में करवा दिया था। उनके तबादले की चर्चा हर बैठक में जनप्रतिनिधि खुल कर करने लगे थे।

बुरहानपुर से कलेक्टर पद से तबादला होकर धार आ रहे हैं सिंह, 2009 से 2012 तक रह चुके धार में जिपं सीईओ

इन उपलब्धियों के लिए याद किए जाएंगे शुक्ला

2016 में ज्वाइन करते ही वसंत पंचमी शुक्रवार को होने से भोजशाला में पूजा व नमाज एक साथ कराने की चुनौती थी। ऐतिहासिक रूप से शांतिपूर्ण पूजा व नमाज दोनों हुई।

2017 में सरदार सरोवर बांध को भरने के फैसले के बाद सबसे बड़ा विस्थापन धार जिले में ही होना था। छिटपुट घटनाओं को छोड़ दें तो विस्थापन शांतिपूर्ण रहा। हालांकि बारिश कम होने से लोग वापस पुराने गांवों में बस गए हैं। जिनका विस्थापन नए कलेक्टर के लिए भी चुनौती है।

किसान आंदोलन के दौरान जिले में कई जगह उत्पात मचा लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं हाेने दी गई। उत्पात करने वालों के गांवों में बिजली सेवा बंद करने जैसे शुक्ला के प्रयोग सफल रहे।

दो साल तीन महीने धार कलेक्टर रहे शुक्ला

कलेक्टर ने 14 जनवरी 2016 को ज्वाइन किया था। 15 अप्रैल 18 को तबादला हुआ। यानी पूरे दो साल और तीन महीने का कार्यकाल रहा।

सोशल मीडिया पर शुक्ला से ज्यादा एक्टिव हैं नए कलेक्टर सिंह

नए कलेक्टर सिंह पिछले कलेक्टर शुक्ला से सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव हैं। अप्रैल में 6 दिन ऐसे हंै, जब सिंह ने एक भी पोस्ट फेसबुक पर नहीं डाली। उन्होंने कुछ न कुछ शेयर किया है। जबकि शुक्ला ने 1 दिसंबर 17 को फेसबुक पर आखिरी बार अपना फोटो अपडेट किया था।

जिम्मेदारी लगन से पूरी करूंगा

धार में ग्रामीण विकास का अनुभव है। अब प्रशासनिक जिम्मेदारी भी होगी। सरकार ने जो जिम्मेदारी दी है, उसे पूरी लगन से पूरा करूंगा। सरदार सरोवर बांध के विस्थापन की आगामी चुनौती की योजना के सवाल पर सिंह बोले कि ज्वाइन करने के बाद समझना होगा। उसके बाद ही कुछ प्लानिंग की जा सकती है। दीपक सिंह, धार कलेक्टर

धार जिले में हर रोज नई चुनौती

धार आम जिले से अलग है। यहां हर दिन नई चुनौती सामने खड़ी होती है। सभी के सहयोग से कार्यकाल अच्छा रहा। नए कलेक्टर भी बहुत ही अनुभवी व परिपक्व अधिकारी हैं। वे धार में पहले पदस्थ रहे ही हैं, ऐसे जिले में पूर्व का अनुभव काम आता है। श्रीमन शुक्ला, संचालक खाद्य आपूर्ति विभाग, भोपाल

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