पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • ग्रीष्मकालीन शिक्षक प्रशिक्षण शिविर में एसआईक्यूई के तहत देंगे प्रशिक्षण

ग्रीष्मकालीन शिक्षक प्रशिक्षण शिविर में एसआईक्यूई के तहत देंगे प्रशिक्षण

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
प्रारंभिक शिक्षा में गुणवत्ता वृद्धि के लिए विशेष पहल करते हुए राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों में अधिगम स्तर सुनिश्चित करने के लिए ‘स्टेट इनीशिएटिव फॉर क्वालिटी एज्यूकेशन’ (एसआईक्यूई) के तहत इस बार भी प्रशिक्षण के अंतर्गत बच्चों के मनोविज्ञान को समझते हुए उन्हें खेल-खेल में शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। जिले भर में ब्लॉक स्तर पर चल रहे 6 दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रीष्म कालीन शिविर में 1946 शिक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के तहत जिला मुख्यालय स्थित जनजाति आवासीय छात्रावास में ग्रीष्मकालीन शिक्षक प्रशिक्षण शिविर रखा गया। हर साल ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान मई-जून माह में राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद की ओर से शिक्षकों को पढ़ाने की नवीन तकनीकों की जानकारी देने के लिए 6 दिवसीय आवासीय कैंप किए जाते हैं, मगर छुट्टियां होने के कारण अधिकांश शिक्षक कैंपों में आते ही नहीं हैं। लेकिन इस बार शिक्षकों का शिविर में आना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए विभाग की ओर से बॉयोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज कराई जा रही है। अब शिक्षक को बीमार होने की स्थिति में मेडिकल बोर्ड से अवकाश स्वीकृत होने पर ही छुट्टी मिल सकेगी। जिला शिक्षा अधिकारी हेमेंद्र उपाध्याय ने बताया कि शिक्षकों को नवाचार के लिए ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर में शिक्षक बीमारी का बहाना कर शिविर में नहीं आते हैं। ऐसे में इस बार बीमार होने पर मेडिकल बोर्ड की ओर से अवकाश स्वीकृत होने पर ही छुट्टी दी जाएगी।

छोटीसादड़ी. हरिश आंजना बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल में प्रशिक्षण देते हुए।

गर्मी को देखते हुए शिविर स्थलों पर लगवाए कूलर

ग्रीष्मकालीन शिक्षक प्रशिक्षण शिविर में पूर्व में हुई गड़बडिय़ों को लेकर इस बार सरकार के सख्त निर्देश हैं। जिला शिक्षा अधिकारियों को प्रशिक्षण शिविर में मॉनीटरिंग से लेकर व्यवस्थाओं को लेकर पाबंद किया गया है। इनमें प्रशिक्षण स्थल आवास, पेयजल आदि व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शहर के आवासीय स्कूल में शिक्षकों के लिए विभाग की ओर से पानी के साथ भोजन की भी बेहतर व्यवस्था करवाई गई है। हर कमरे में गर्मी को देखते हुए कूलर की भी व्यवस्था की गई है। प्रशिक्षण के दौरान निर्देश हैं कि प्रत्येक शिक्षक प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से अपने कार्यरत जिले और ब्लॉक में ही भाग लेंगे। अंतर ब्लॉक और जिले में किसी प्रकार का परिवर्तन संभव नहीं है।

इनका प्रशिक्षण में आना जरूरी नहीं : ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर में गर्भवती शिक्षिका संभागियों को प्रशिक्षण से मुक्त रखा गया है। साथ ही ऐसी महिला शिक्षिकाएं जिनके शिशु की आयु 6 माह की हो और ऐसे शिक्षक जिनकी सेवानिवृत्ति में एक वर्ष का समय शेष हो। असाध्य रोग से पीड़ित, कैंसर, मस्तिष्क आघात को भी प्रशिक्षण से दूर रखा गया है। ऐसे शिक्षकों को चिकित्सा अधिकारी की ओर से प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

छोटीसादड़ी | राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा परिषद के आदेश की पालना में सोमवार सुबह हरीश आंजना बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में 6 दिवसीय दीनदयाल उपाध्याय ग्रीष्मकालीन शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का विकास अधिकारी राजेंद्र गुप्ता, अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश साहू, लालूराम जायसवाल की मौजूदगी में शुरू हुआ। अतिथियों ने सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित किया। चंद्रप्रकाश साहू ने संभागियों से प्रत्येक सत्र में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए प्रतिदिन की गतिविधियों का प्रतिवेदन लिखने को कहा। सीसीई और एसआईक्यूई गतिविधियों से गुणवत्ता युक्त शिक्षा को मजबूत करने लिए मार्ग दर्शन दिया। इस दौरान एसएसआर, केआरपी भंवरलाल रावत, विमल मेनारिया, घनश्यामसिंह, जगदीश प्रसाद यादव, दुर्गाशंकर मेघवाल और विष्णु नाथ उपस्थित रहे।

जिले में इन जगहों पर चल रहा है प्रशिक्षण

अरनोद के सरस्वती रिसोर्ट, छोटीसादड़ी : हरीश आंजना राबाउमावि, धरियावद : राउमावि, गाडरियावास, पीपलखूंट : जनजाति बालक छात्रावास पीपलखूंट , प्रतापगढ़ : जनजाति बालक छात्रावास प्रतापगढ़।

खबरें और भी हैं...