खरीद प्रक्रिया धीमी होने से दो गांवों के किसानों की सरसों की नहीं हो पाई तुलाई
चार दिन से सरसों की खरीद प्रक्रिया धीमी होने के कारण दो गांवों के किसानों की सरसों की तुलाई नहीं हो पाई है। इसके कारण अगले सप्ताह होने गावों के किसानों को अधिक परेशानी होगी। सरसों के उठान और तुलाई समय पर नहीं होने के कारण शनिवार को कुड़ल गांव के किसानों की सरसों का पंजीकरण किया गया लेकिन देर शाम तक तुलाई आरंभ नहीं हो पाई।
गौरतलब होगा कि ढिगावा मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद में भी पिछले वर्षों जिले में सभी अधिक खरीद हुई है। इस बार भी गेहूं की खरीद सबसे अधिक होने के आसार बने हुए हैं। सरसों की सरकारी खरीद का केन्द्र पहली बार बनाया गया तो सरसों की खरीद में भी जिले में अव्वल स्थान पर रहेगा। लेकिन खरीद प्रक्रिया तेज नहीं होने के कारण किसानों को तीन से चार दिन तक मंडी में रह इंतजार करना पड़ रहा है। मंडी में अब तक लगभग आठ हजार बैग उठान होने का इंतजार कर रहे है। फड़ पर जगह नहीं होने और तुलाई लेबर की कमी के चलते किसानों की सरसों हर रोज पांच सौ से सात सौ क्विंटल की तुलाई ही हो रही है। शनिवार को कुडल गावों के किसानों की सरसों का पंजीकरण कर जब तुलाई होगी उसकी सूचना किसान को फोन पर दी जाने की व्यवस्था बनाई गई है।
इस बारे में खरीद एजेंसी के मैनेजर सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि जिस गांव का पंजीकरण हो जाएगा, उसकी पंजीकरण सूची को उस गांव के सचिवालय में चस्पा करवा दिया जाएगा।