शहर में लगने वाली रेहड़ियों से नगरपरिषद भले ही तहबाजारी 5 रुपए वसूल करती हो, लेकिन कई रेहड़ी संचालकों से कुछ ठेकेदार द्वारा 5 रुपए की तहबाजारी से करीब 6 गुना अधिक यानि करीब 33 रुपए वसूली जा रही है। शहर में लगने वाली कई रेहड़ियों से ठेकेदार द्वारा एक महीने के एक हजार रुपए एडवांस में लिए जा रहे हैं। जिसके एवज में उन्हें एक हजार रुपए की नगरपरिषद की रसीद भी दी जा रही है।
बड़ी बात है कि नगरपरिषद शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए शहर में पार्किंग ठेका व्यवस्था शुरू की गई है। वहीं पार्किंग ठेकों पर वाहनों को कम और रेहड़ियों ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है और उनसे अधिक रुपए भी वसूले जा रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष अकील अहमद ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब नगरपरिषद की मिलीभगत से चल रही है। इसलिए इसमें कोई भी कार्रवाई करना नहीं चाहता है। कोई भी पार्किंग ठेकेदार रेहड़ियां नहीं लगवा सकता है। शहर में लगने वाली रेहड़ियों की संख्या एक हजार से अधिक है। ऐसे में रोजाना नगरपरिषद को हजारों रुपए की चपत लगाई जा रही है।
धौलपुर. गौरव पथ रोड पर पार्किंग ठेकेदार द्वारा कुल्फी आइसक्रीम वाले को दी गई मई माह की एक हजार रुपए की रसीद।
एईएन बोले- जांच करवाएंगे, पार्किंग ठेकेदार रेहड़ियों से नहीं वसूल सकता चार्ज
नगरपरिषद के एईएन बलबीर जैन ने बताया कि पार्किंग में सिर्फ बाइक, कारें और साइकिलें ही खड़ी हो सकती हैं और ठेकेदार इनकी रसीद काटकर रुपए ले सकता है। लेकिन पार्किंग ठेके पर अगर रेहड़ियां लगाई जाती हैं तो यह गलत है। पार्किंग ठेकेदार द्वारा रेहड़ी संचालकों से रुपए वसूले जा रहे हैं तो वह अवैध है। एईएन ने कहा कि अगर ऐसा है तो इस मामले की जांच करवाई जाएगी।
पांच पार्किंग के लिए हुए थे टेंडर, दो निरस्त
नगरपरिषद ने शहर में स्थानों पर पार्किंग के लिए टेंडर निकाले थे। इसमें आरएसी के सामने, ओंडेला रोड के सामने, गौरव पथ हरदेव नगर, अस्पताल के सामने और पुराना बस स्टैंड शामिल हैं। हाईवे के नीचे फुटपाथ होने पर एनएचआई से विवाद के कारण दो ठेके निरस्त कर दिए गए। वहीं तीन अन्य संचालित हैं। सूत्रों की मानें तो ठेका होने से पूर्व ही रेहडियों से वसूली शुरू कर दी गई थी। वहीं एक-दो ठेकेदारों ने अभी भी नगरपरिषद में ठेका राशि जमा नहीं करवाई। फिर भी रसीदें काटकर ठेका शुरू कर दिया है।
पुराना बस स्टैंड पर ही लगती हैं करीब 15 रेहड़ियां, एक रेहड़ी से लिया जाता है एक दिन का 30 रुपए
पुराना बस स्टैंड स्थित बनी चौपाटी का नगरपरिषद ने कुछ माह पूर्व ही पार्किंग ठेका दिया है। ऐसे में सिर्फ चौपाटी पर ही करीब 15 रेहड़ियां खाने-पीने की लगाई जाती हैं। जिसमें एक रेहड़ी से रोजाना 30 रुपए की वसूली की जाती है। हालांकि पूर्व में हुए ठेक का विरोध करते हुए रेहड़ी संचालकों ने 30 रुपए देने से मना कर दिया था। इसके बाद पार्किंग ठेकेदार ने रेहड़ियों को लगाने से मना किया तो रेहड़ी संचालक रुपए देने पर तैयार हुए थे। इसके बाद पार्किंग का ठेका दूसरे को दिया गया।
इधर, ठंडे बस्ते में पड़ी दमकल मामले की जांच, कमेटी से नेता प्रतिपक्ष ने दिया इस्तीफा
2 मई को दमकल गाड़ियों में तेल का खेल उजागर होने के बाद सभापति द्वारा मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई, लेकिन इसे भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इसको लेकर जांच कमेटी में शामिल सदस्य नेता प्रतिपक्ष अकील अहमद ने लिखित में इस्तीफा दे दिया है। साथ ही मामले की जांच एसीबी से करवाने की मांग की है।