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पिता के बजाय दादी के साथ रहना चाहती थी बालिका , बुआ-चाचा को सौंपी

3 वर्ष पहले
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हित अन हित पशु-पक्षीऊ जाना, मानुस तन गुण ज्ञान निधाना। राम चरित मानस की इस चौपाई को एक नाबालिग बालिका ने चरितार्थ करते हुए अपने पिता को छोड़कर दादी या बुआ के पास जाने की इच्छा जताई है। कोलारी थाना क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग बालिका ने आगरा के चाइल्ड हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करवाई है कि उसका पिता उसे गांव से पढ़ाई के नाम पर आगरा ले आया था। यहां पर पिता शराब पीकर उसे बेरहमी से आए दिन पीटता है। ऐसे में वह पिता के साथ नहीं रहना चाहती है। नाबालिग बालिका ने चाइल्ड हेल्प लाइन में पिता से मुक्त करवाकर दादी के पास भेजने की गुहार लगाई है। अब चाइल्ड हेल्प लाइन ने बच्ची का पूरा प्रकरण बाल कल्याण समिति आगरा के सुपुर्द किया है।

वहीं इस प्रकरण को लेकर बाल कल्याण समिति धौलपुर के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह परमार से संपर्क किया गया है। अध्यक्ष ने बताया कि आगरा बात हुई है। बच्ची की बुआ और चाचा के साथ दादी भी वर्तमान में आगरा ही निवास करते हैं। बाल कल्याण समिति आगरा के अध्यक्ष गोपाल शर्मा को बताया कि वर्तमान में दादी और बुआ आगरा में ही निवास करती हैं। इसलिए मामले को बाल कल्याण समिति आगरा अपने स्तर पर ही निस्तारित करे, ताकि फालोअप की प्रक्रिया बिना परेशानी के पूर्ण की जा सके।

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